हरिद्वार में 24 घंटे में दो बाघों की मौत, जहरीले मांस से शिकार की आशंका

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हरिद्वार में दो बाघों की संदिग्ध मौत से हड़कंप

उत्तराखंड के हरिद्वार में राजाजी टाइगर रिजर्व से सटे श्यामपुर रेंज क्षेत्र में 24 घंटे के भीतर एक बाघ और एक बाघिन के शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया। दोनों शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिले हैं, जिसके बाद जहरीला मांस खिलाकर शिकार किए जाने की आशंका जताई जा रही है।

दोनों बाघों के कटे मिले पैर

वन विभाग को सबसे पहले 18 मई की शाम सजनपुर बीट क्षेत्र में करीब दो वर्षीय नर बाघ का शव मिला। जांच चल ही रही थी कि अगले दिन पास के इलाके से एक मादा बाघ का शव भी बरामद हुआ। दोनों शवों के पैर कटे हुए मिले, जिससे अवैध वन्यजीव तस्करी की आशंका और गहरी हो गई है।

जहरीला मांस खिलाकर शिकार की आशंका

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपितों ने भैंस के शव में जहर मिलाकर बाघों को निशाना बनाया। इसके बाद शवों के पंजे काट लिए गए। वन विभाग को शक है कि आरोपित खाल और दांत निकालकर उन्हें बेचने की तैयारी में थे।

एक आरोपी गिरफ्तार, तीन फरार

मामले में वन विभाग ने एक आरोपी आलम उर्फ फम्मी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं तीन अन्य आरोपी आमिर हमजा, आशिक और जुप्पी फरार बताए जा रहे हैं। उनकी तलाश में वन विभाग और पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

मां बाघिन की तलाश जारी

वन अधिकारियों के अनुसार मृत बाघ और बाघिन संभवतः भाई-बहन थे और अपनी मां के साथ उसी क्षेत्र में रहते थे। आशंका है कि मां बाघिन ने भी जहरीला मांस खाया हो सकता है। इसी को देखते हुए जंगल में कैमरा ट्रैप और सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

वन्यजीव संरक्षण पर उठे सवाल

एक ही दिन में दो बाघों की मौत ने उत्तराखंड की वन्यजीव सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बाघों के संरक्षण के लिए चलाए जा रहे अभियानों के बीच इस तरह की घटना बेहद चिंताजनक है।

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