राजा भोज और रानी कमलापति के सम्मान में जारी होंगे स्मारक डाक टिकट
केंद्र सरकार ने महान परमार शासक Raja Bhoj और गोंडवाना साम्राज्य की वीरांगना Rani Kamlapati के सम्मान में स्मारक डाक टिकट जारी करने का फैसला लिया है। केंद्रीय संचार मंत्री Jyotiraditya Scindia ने इसे भारत की सांस्कृतिक चेतना और ऐतिहासिक गौरव का प्रतीक बताया।
सिंधिया बोले- विकास भी, विरासत भी
सिंधिया ने सोशल मीडिया पर कहा कि राजा भोज और रानी कमलापति भोपाल और मध्य प्रदेश की गौरवशाली विरासत के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के “विकास भी, विरासत भी” विजन के तहत देश अपनी ऐतिहासिक धरोहरों को नया सम्मान दे रहा है।
उन्होंने कहा कि स्मारक डाक टिकट केवल औपचारिक सम्मान नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों को अपनी संस्कृति और इतिहास से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं।
भोपाल सांसद के प्रस्ताव को मिली मंजूरी
Alok Sharma ने दोनों महान विभूतियों के सम्मान में विशेष डाक टिकट जारी करने का प्रस्ताव रखा था। संचार मंत्रालय ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
राजा भोज का ऐतिहासिक योगदान
राजा भोज भारतीय इतिहास के सबसे प्रतिष्ठित शासकों में गिने जाते हैं। उन्होंने शिक्षा, साहित्य, स्थापत्य कला और जल प्रबंधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए। Bhojtal सहित कई ऐतिहासिक जल संरचनाएं उनकी दूरदर्शिता का उदाहरण मानी जाती हैं।
रानी कमलापति की वीरता को मिलेगा सम्मान
रानी कमलापति को साहस, नेतृत्व और जनसेवा के लिए याद किया जाता है। भोपाल की ऐतिहासिक पहचान से जुड़ी उनकी विरासत आज भी लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
पद्मश्री सम्मान पर भी दी बधाई
सिंधिया ने Kailash Chandra Pant और Dr. Narayan Vyas को पद्मश्री सम्मान मिलने पर भी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि दोनों विभूतियों ने भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।



