विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रधानमंत्री का संदेश
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य कर रहे सभी लोगों की सराहना करते हुए इसे भविष्य की पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बताया।
पर्यावरण संरक्षण पर दिया जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि प्रकृति की रक्षा और सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराने का अवसर है। उन्होंने लोगों से पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास करने की अपील की।
हरित क्षेत्र में हुई वृद्धि
विश्व पर्यावरण दिवस पर अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले वर्षों में देश में हरित क्षेत्र का विस्तार हुआ है। साथ ही कई वन्यजीव प्रजातियों की संख्या में भी वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने इसे जनभागीदारी, प्रभावी नीतियों और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का परिणाम बताया।
जैव विविधता पर भारत को गर्व
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की जैव विविधता देश की सबसे बड़ी ताकतों में से एक है। ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, हिम तेंदुआ, स्लॉथ भालू और चीता जैसे वन्यजीवों के संरक्षण के प्रयासों का भी उन्होंने उल्लेख किया। विश्व पर्यावरण दिवस पर उन्होंने इन सफलताओं को सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की सराहना
प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान ने पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का रूप दिया है। इस पहल ने वन क्षेत्र बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और लोगों को प्रकृति से जोड़ने का कार्य किया है।
भारतीय संस्कृति में प्रकृति का विशेष स्थान
विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि प्रकृति संरक्षण केवल कर्तव्य नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और संस्कारों का मूल सिद्धांत है। उन्होंने बताया कि भारतीय परंपरा हमेशा प्रकृति के साथ संतुलित और सामंजस्यपूर्ण जीवन जीने की प्रेरणा देती है। उन्होंने देशवासियों से स्वच्छ, हरित और टिकाऊ भविष्य के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।



