फलता एसईजेड ने बनाया नया रिकॉर्ड
केंद्र सरकार के अधीन संचालित फलता एसईजेड ने निर्यात, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पिछले 12 वर्षों में इस औद्योगिक केंद्र ने उल्लेखनीय विकास दर्ज करते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
85 हजार करोड़ रुपये के पार पहुंचा निर्यात
वित्त वर्ष 2025-26 में फलता एसईजेड का कुल निर्यात बढ़कर 85,093 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वर्ष 2014-15 में यह आंकड़ा 10,469 करोड़ रुपये था। इस तरह 12 वर्षों में निर्यात में लगभग आठ गुना वृद्धि दर्ज की गई है।
निवेश और रोजगार में भी बड़ी बढ़ोतरी
फलता एसईजेड ने रोजगार सृजन के क्षेत्र में भी शानदार प्रदर्शन किया है। वर्ष 2014-15 में जहां करीब 49 हजार लोगों को रोजगार मिला था, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 1.23 लाख से अधिक हो गई है। इसी अवधि में कुल निवेश 15,563 करोड़ रुपये से बढ़कर 45,331 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
कई उद्योगों ने निभाई अहम भूमिका
फलता एसईजेड की सफलता में इंजीनियरिंग, वस्त्र, रसायन, खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स, चमड़ा, रत्न एवं आभूषण तथा आईटी क्षेत्र से जुड़े उद्योगों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इन क्षेत्रों में बढ़ते निवेश ने निर्यात को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भी बड़ा कदम
फलता एसईजेड के अधिकार क्षेत्र में ओडिशा में एक नए सेमीकंडक्टर विशेष आर्थिक क्षेत्र को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना से आने वाले वर्षों में निर्यात और रोजगार दोनों में वृद्धि होने की उम्मीद है।
पूर्वी भारत का प्रमुख औद्योगिक केंद्र
वर्तमान में फलता एसईजेड के अंतर्गत 55 इकाइयों को स्वीकृति मिली है, जिनमें 42 सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार, सिक्किम और पूर्वोत्तर राज्यों को कवर करने वाला यह क्षेत्र अब पूर्वी भारत के औद्योगिक विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है।
भविष्य में और बढ़ेगी रफ्तार
विशेषज्ञों का मानना है कि नई तकनीकों, उन्नत उद्योगों और सेमीकंडक्टर जैसे उभरते क्षेत्रों में विस्तार के साथ फलता एसईजेड आने वाले वर्षों में भारत की निर्यात अर्थव्यवस्था को और मजबूती देगा।



