दीक्षांत समारोह के साथ प्रशिक्षण वर्ग का समापन
भागलपुर के गणपतराय सलारपुरिया सरस्वती विद्या मंदिर, सैनिक स्कूल, नरगा कोठी में आयोजित 20 दिवसीय नवीन आचार्य एवं सेवा स्थायित्व प्रशिक्षण वर्ग का समापन भव्य दीक्षांत समारोह के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रशिक्षु आचार्यों ने शिक्षा, संस्कार और समाज सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
दीप प्रज्वलन से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
दीक्षांत समारोह का उद्घाटन विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष डॉ. कौशलेन्द्र प्रसाद, प्रदेश सचिव प्रदीप कुमार कुशवाहा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने दीप प्रज्वलन और पुष्पार्चन के साथ किया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के निरीक्षक, प्रधानाचार्य और शिक्षाविद उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण की गतिविधियों का हुआ विवरण
गयाजी विभाग के निरीक्षक उमाशंकर पोद्दार ने 20 दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग की गतिविधियों और विभिन्न सत्रों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य आचार्यों को शैक्षणिक, सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से सक्षम बनाना था।
प्रशिक्षुओं ने साझा किए अनुभव
दीक्षांत समारोह में प्रशिक्षु आचार्यों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि प्रारंभ में वर्ग की अनुशासित दिनचर्या कठिन लगी, लेकिन समय के साथ यह जीवन का महत्वपूर्ण अनुभव बन गया। उन्होंने प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान और मूल्यों को अपने कार्यक्षेत्र में लागू करने का संकल्प व्यक्त किया।
हस्तलिखित पत्रिका का विमोचन
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षु आचार्यों द्वारा तैयार की गई हस्तलिखित पत्रिका का भी विमोचन किया गया। यह पत्रिका प्रशिक्षण अवधि के दौरान अर्जित अनुभवों और रचनात्मक अभिव्यक्तियों का संग्रह है।
समाज में भी निभानी होगी सक्रिय भूमिका
मुख्य वक्ता एवं प्रदेश सचिव प्रदीप कुमार कुशवाहा ने कहा कि दीक्षांत समारोह के बाद सभी प्रशिक्षु अब पूर्ण आचार्य बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि आचार्यों की भूमिका केवल विद्यालय तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें समाज में भी सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनना होगा।
उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों को सफल बनाने में शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए सभी को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
आभार के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम के अंत में उप प्रधानाचार्य वीरेन्द्र कुमार ने सभी अतिथियों, अधिकारियों, आचार्यों और सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। दीक्षांत समारोह के साथ प्रशिक्षण वर्ग का सफल समापन हुआ और सभी प्रतिभागियों ने शिक्षा एवं राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।


