आज के विद्यार्थी ही देश के भावी कर्णधार : डाॅ. कुशशाहा
विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता
भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति डॉ. वेंकैया नायडू ने कहा है कि आज के विद्यार्थी ही देश के भावी कर्णधार होंगे। उनका यह बयान एक विशेष कार्यक्रम के दौरान दिया गया, जिसमें उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
विद्यार्थियों को आत्मनिर्भरता के मार्ग पर चलने की आवश्यकता
डॉ. नायडू ने कहा कि आज के विद्यार्थी ही देश के भावी कर्णधार होंगे, इसलिए उन्हें आत्मनिर्भरता के मार्ग पर चलने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी और अपने जीवन को सकारात्मक दिशा में ले जाना होगा।
शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता
डॉ. नायडू ने कहा कि शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को शिक्षा के महत्व को समझना होगा और इसके लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा के बिना व्यक्ति का जीवन अधूरा है।
विद्यार्थियों को सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता
डॉ. नायडू ने कहा कि विद्यार्थियों को सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने समाज के प्रति जिम्मेदार होना होगा और इसके लिए उनको सामाजिक सेवा में भाग लेना होगा।
विद्यार्थियों को अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी
डॉ. नायडू ने कहा कि विद्यार्थियों को अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अपने जीवन को सकारात्मक दिशा में ले जाना होगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अपने आप पर विश्वास करना होगा।
निष्कर्ष
डॉ. वेंकैया नायडू के बयान से यह स्पष्ट होता है कि आज के विद्यार्थी ही देश के भावी कर्णधार होंगे। उन्हें आत्मनिर्भरता के मार्ग पर चलने की आवश्यकता है, शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है, सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता है, और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी।
स्रोत: हिन्दुस्थान समाचार



