सतत कृषि पर राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन सत्र: लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने की शुरुआत
नई दिल्ली, 12 जून 2024 – आज नई दिल्ली में सतत कृषि पर राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन सत्र हुआ, जिसमें लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस सम्मेलन का उद्देश्य भारतीय कृषि क्षेत्र में सतत विकास के लिए आवश्यक कदम उठाना है।
लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने की शुरुआत
लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सम्मेलन के उद्घाटन सत्र की शुरुआत करते हुए कहा, “भारतीय कृषि क्षेत्र में सतत विकास के लिए हमें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। लेकिन हमें ये नहीं भूलना चाहिए कि कृषि हमारी जीवन रेखा है, और इसके विकास से हमारे देश का भविष्य निर्धारित होता है।” उन्होंने कहा कि सरकार ने कृषि क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जैसे कि किसानों को अधिक लाभ पहुंचाने के लिए प्रोत्साहन योजनाएं शुरू करना, कृषि उत्पादों के मूल्य में सुधार करना, और किसानों को बेहतर प्रशिक्षण और संसाधन प्रदान करना।
सतत कृषि पर राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्देश्य
सतत कृषि पर राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्देश्य भारतीय कृषि क्षेत्र में सतत विकास के लिए आवश्यक कदम उठाना है। इस सम्मेलन में कृषि विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, सरकारी अधिकारियों, और किसानों के बीच विचार-विमर्श किया जाएगा। इस सम्मेलन के दौरान, कृषि क्षेत्र में सतत विकास के लिए नए और नवाचारी समाधानों पर चर्चा की जाएगी।
कृषि क्षेत्र में सतत विकास के लिए आवश्यक कदम
कृषि क्षेत्र में सतत विकास के लिए कई आवश्यक कदम उठाने होंगे। इनमें से कुछ महत्वपूर्ण कदम हैं:
– किसानों को बेहतर प्रशिक्षण और संसाधन प्रदान करना: किसानों को बेहतर प्रशिक्षण और संसाधन प्रदान करने से उन्हें अपने कृषि उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद मिलेगी।
– कृषि उत्पादों के मूल्य में सुधार करना: कृषि उत्पादों के मूल्य में सुधार करने से किसानों को अधिक लाभ पहुंचाने में मदद मिलेगी।
– कृषि क्षेत्र में नवाचार और तकनीकी उन्नति: कृषि क्षेत्र में नवाचार और तकनीकी उन्नति से किसानों को अपने कृषि उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद मिलेगी।
निष्कर्ष
सतत कृषि पर राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन सत्र एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे भारतीय कृषि क्षेत्र में सतत विकास के लिए आवश्यक कदम उठाने की दिशा में कदम बढ़ाया जा सकता है। इस सम्मेलन के दौरान, कृषि विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, सरकारी अधिकारियों, और किसानों के बीच विचार-विमर्श किया जाएगा, जिससे कृषि क्षेत्र में सतत विकास के लिए नए और नवाचारी समाधानों पर चर्चा की जाएगी।
स्रोत: हिन्दुस्थान समाचार



