जी7 सत्र में प्रधानमंत्री के वक्तव्य को सुनते विश्व नेता
जी7 सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वक्तव्य में विश्व नेताओं को संबोधित किया। इस सत्र में विश्व के प्रमुख नेताओं ने भाग लिया, जिनमें अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, यूरोपीय संघ के प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लायेन, जापानी प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा, ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, जर्मन चांसलर ओलaf शोल्ज, इटालियन प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी, कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़, दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति यूं सुक-योल, और दक्षिण अफ़्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामफ़ोसा शामिल थे।
प्रधानमंत्री का वक्तव्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वक्तव्य में विश्व नेताओं को संबोधित किया और कहा कि विश्व में एकजुटता और सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमें विश्व के विकास के लिए मिलकर काम करना होगा। उन्होंने विश्व के नेताओं से कहा कि हमें विश्व के विकास के लिए एकजुट होकर काम करना होगा, न कि एक-दूसरे के खिलाफ।
विश्व नेताओं की प्रतिक्रिया
विश्व नेताओं ने प्रधानमंत्री के वक्तव्य को सुना और कहा कि वे प्रधानमंत्री के साथ एकजुट हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि हमें विश्व के विकास के लिए मिलकर काम करना होगा। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि हमें विश्व के विकास के लिए एकजुट होकर काम करना होगा। यूरोपीय संघ के प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लायेन ने कहा कि हमें विश्व के विकास के लिए मिलकर काम करना होगा।
विश्व नेताओं के बीच चर्चा
विश्व नेताओं के बीच चर्चा हुई और उन्होंने विश्व के विकास के लिए एकजुट होकर काम करने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि हमें विश्व के विकास के लिए एकजुट होकर काम करना होगा, न कि एक-दूसरे के खिलाफ। विश्व नेताओं ने विश्व के विकास के लिए एकजुट होकर काम करने का फैसला किया और कहा कि हमें विश्व के विकास के लिए मिलकर काम करना होगा।
निष्कर्ष
जी7 सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वक्तव्य में विश्व नेताओं को संबोधित किया और कहा कि विश्व में एकजुटता और सहयोग की आवश्यकता है। विश्व नेताओं ने प्रधानमंत्री के वक्तव्य को सुना और कहा कि वे प्रधानमंत्री के साथ एकजुट हैं। विश्व नेताओं ने विश्व के विकास के लिए एकजुट होकर काम करने का फैसला किया और कहा कि हमें विश्व के विकास के लिए मिलकर काम करना होगा।



