गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विश्वेसर पटेल का दावा, गायों की सेवा के लिए बनाए गए आयोग को केंद्र सरकार ने 10 साल में कोई भी फंड नहीं दिया
गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विश्वेसर पटेल ने एक बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि गायों की सेवा के लिए बनाए गए आयोग को केंद्र सरकार ने 10 साल में कोई भी फंड नहीं दिया है। यह आरोप उन्होंने एक साक्षात्कार में दिया है।
गौ सेवा आयोग की स्थापना और उसके उद्देश्य
गौ सेवा आयोग की स्थापना 2014 में की गई थी। इसका उद्देश्य गायों की सेवा और उनके कल्याण के लिए काम करना था। आयोग का मानना था कि गायें हमारे समाज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनकी सेवा के लिए हमें उनकी जरूरतों को पूरा करना चाहिए। आयोग ने कई कार्यक्रमों और योजनाओं को शुरू किया था जिनका उद्देश्य गायों की सेवा को बढ़ावा देना था।
केंद्र सरकार की अनदेखी
लेकिन गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विश्वेसर पटेल ने कहा है कि केंद्र सरकार ने आयोग को 10 साल में कोई भी फंड नहीं दिया है। उन्होंने कहा है कि आयोग को अपने कार्यक्रमों और योजनाओं को चलाने के लिए पैसे की जरूरत होती है, लेकिन सरकार ने कभी भी आयोग को फंड नहीं दिया है। यह आरोप उन्होंने एक साक्षात्कार में दिया है।
गौ सेवा आयोग के कार्यक्रमों का असर
गौ सेवा आयोग के कार्यक्रमों का असर बहुत ही कम है। आयोग ने कई कार्यक्रमों और योजनाओं को शुरू किया था, लेकिन उन्हें चलाने के लिए पैसे की कमी के कारण वे पूरे नहीं हो पाए हैं। आयोग के कार्यक्रमों का उद्देश्य गायों की सेवा को बढ़ावा देना था, लेकिन अब आयोग के कार्यक्रमों का असर बहुत ही कम है।
गौ सेवा आयोग के भविष्य के बारे में चिंता
गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विश्वेसर पटेल ने कहा है कि आयोग के भविष्य के बारे में वे बहुत ही चिंतित हैं। उन्होंने कहा है कि आयोग को चलाने के लिए पैसे की जरूरत होती है, लेकिन सरकार ने कभी भी आयोग को फंड नहीं दिया है। यह आरोप उन्होंने एक साक्षात्कार में दिया है।



