मुरैना में 110 करोड़ की आसन सिंचाई परियोजना: 12 साल बाद भी विस्थापन अधूरा, लापरवाही का ग्रहण

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मुरैना में आसन सिंचाई परियोजना

मुरैना में आसन सिंचाई परियोजना पर लापरवाही का ग्रहण

मुरैना, मध्य प्रदेश – आसन सिंचाई परियोजना, जो कि 110 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई थी, आज भी अधूरी है। 12 साल बाद भी इस परियोजना का विस्थापन पूरा नहीं हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों को बहुत परेशानी हो रही है।

विस्थापन की समस्या

आसन सिंचाई परियोजना के लिए 12 साल पहले से ही विस्थापन की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन आज भी अधिकांश लोगों को अपने घरों से निकालने के लिए कोई विकल्प नहीं मिला है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार ने उन्हें विस्थापन के लिए कोई सही विकल्प नहीं दिया है, जिससे वे अपने घरों को छोड़ने के लिए मजबूर हैं।

लापरवाही का ग्रहण

आसन सिंचाई परियोजना पर काम करने वाले अधिकारियों का कहना है कि विस्थापन की प्रक्रिया में कुछ दिक्कतें आई हैं, लेकिन वे जल्द ही इसे पूरा करेंगे। लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण ही यह परियोजना अधूरी है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने उन्हें विस्थापन के लिए कोई सही विकल्प नहीं दिया है, जिससे वे अपने घरों को छोड़ने के लिए मजबूर हैं।

स्थानीय लोगों की समस्याएं

आसन सिंचाई परियोजना के कारण स्थानीय लोगों को कई समस्याएं हो रही हैं। उन्हें अपने घरों से निकालने के लिए कोई विकल्प नहीं मिला है, जिससे वे अपने परिवार के साथ रहने के लिए मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकारियों ने उन्हें विस्थापन के लिए कोई सही विकल्प नहीं दिया है, जिससे वे अपने घरों को छोड़ने के लिए मजबूर हैं।

निष्कर्ष

आसन सिंचाई परियोजना पर लापरवाही का ग्रहण एक बड़ी समस्या है, जिससे स्थानीय लोगों को बहुत परेशानी हो रही है। अधिकारियों को इस समस्या का समाधान करना होगा, ताकि स्थानीय लोगों को अपने घरों से निकालने के लिए कोई विकल्प मिल सके।

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