दमोह घंटाघर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर उठे सवाल, ट्रैफिक सिग्नल हटाने से बढ़ी बहस
दमोह जिले के घंटाघर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन ने घंटाघर के आसपास के क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के लिए कार्रवाई शुरू की है, जिसमें ट्रैफिक सिग्नल भी हटाए गए हैं। लेकिन इस कार्रवाई के बाद से लोगों में असंतोष बढ़ गया है।
ट्रैफिक सिग्नल हटाने से बढ़ी बहस
दमोह घंटाघर में ट्रैफिक सिग्नल हटाने के बाद से लोगों में बहस बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि ट्रैफिक सिग्नल हटाने से सड़कों पर जाम बढ़ गया है और यातायात की स्थिति खराब हो गई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि ट्रैफिक सिग्नल हटाने से न केवल यातायात की स्थिति खराब हो गई है, बल्कि इससे सड़कों पर दुर्घटनाएं भी बढ़ गई हैं।
प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल
दमोह जिला प्रशासन ने घंटाघर में अतिक्रमण हटाने के लिए कार्रवाई शुरू की है, लेकिन इस कार्रवाई के बाद से लोगों में सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के लिए सही तरीके से कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने ट्रैफिक सिग्नल हटाने के बाद से सड़कों पर जाम बढ़ गया है और यातायात की स्थिति खराब हो गई है।
स्थानीय निवासियों की प्रतिक्रिया
दमोह घंटाघर में स्थानीय निवासियों ने कहा कि प्रशासन की कार्रवाई से उन्हें नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक सिग्नल हटाने से सड़कों पर जाम बढ़ गया है और यातायात की स्थिति खराब हो गई है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के लिए सही तरीके से कार्रवाई नहीं की है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
दमोह जिला प्रशासन ने कहा कि उन्होंने घंटाघर में अतिक्रमण हटाने के लिए कार्रवाई शुरू की है। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक सिग्नल हटाने से सड़कों पर जाम बढ़ गया है और यातायात की स्थिति खराब हो गई है, लेकिन उन्होंने कहा कि वे जल्द ही ट्रैफिक सिग्नल फिर से लगाने के लिए कार्रवाई करेंगे।



