तीसरी मोहर्रम पर मातम करते शिया समुदाय के युवा
मुंबई, 10 अगस्त – आज तीसरी मोहर्रम के अवसर पर शिया समुदाय के युवा मातम करते हुए अपने प्रिय पैगंबर हजरत इमाम हुसैन की याद में शोक मना रहे हैं। यह दिन पैगंबर हजरत इमाम हुसैन के शहीद होने का दिन है, जो 61 वर्ष की आयु में कार्बला के युद्ध में शहीद हुए थे।
मातम का माहौल
शिया समुदाय के युवा आज अपने घरों के बाहर मातम का माहौल बनाकर अपने प्रिय पैगंबर हजरत इमाम हुसैन की याद में शोक मना रहे हैं। उन्होंने अपने घरों के बाहर सफेद कपड़े पहने हुए हैं और अपने चेहरे पर रंग भरा हुआ है। वे अपने घरों के बाहर ताजिया और मातम के गीत गा रहे हैं और अपने प्रिय पैगंबर हजरत इमाम हुसैन की याद में शोक मना रहे हैं।
ताजिया और मातम के गीत
शिया समुदाय के युवा आज अपने घरों के बाहर ताजिया और मातम के गीत गा रहे हैं। वे अपने प्रिय पैगंबर हजरत इमाम हुसैन की याद में शोक मना रहे हैं और उनकी शहादत को याद कर रहे हैं। ताजिया और मातम के गीत गाने से शिया समुदाय के युवा अपने प्रिय पैगंबर हजरत इमाम हुसैन की याद में शोक मना रहे हैं।
शिया समुदाय की परंपरा
शिया समुदाय की परंपरा के अनुसार, तीसरी मोहर्रम को मातम का दिन माना जाता है। इस दिन शिया समुदाय के लोग अपने घरों के बाहर मातम का माहौल बनाकर अपने प्रिय पैगंबर हजरत इमाम हुसैन की याद में शोक मनाते हैं। वे अपने घरों के बाहर सफेद कपड़े पहने हुए हैं और अपने चेहरे पर रंग भरा हुआ है।
शहीद हजरत इमाम हुसैन की याद में
शिया समुदाय के युवा आज अपने प्रिय पैगंबर हजरत इमाम हुसैन की याद में शोक मना रहे हैं। वे अपने प्रिय पैगंबर हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद कर रहे हैं और उनकी शहादत को नमन कर रहे हैं। शिया समुदाय के युवा आज अपने प्रिय पैगंबर हजरत इमाम हुसैन की याद में शोक मना रहे हैं और उनकी शहादत को याद कर रहे हैं।
शिया समुदाय की एकता
शिया समुदाय के युवा आज अपने घरों के बाहर मातम का माहौल बनाकर अपने प्रिय पैगंबर हजरत इमाम हुसैन की याद में शोक मना रहे हैं। वे अपने घरों के बाहर सफेद कपड़े पहने हुए हैं और अपने चेहरे पर रंग भरा हुआ है। शिया समुदाय के युवा आज अपने प्रिय पैगंबर हजरत इमाम हुसैन की याद में शोक मना रहे हैं और उनकी शहादत को याद कर रहे हैं।



