उत्तर प्रदेश में एक हैराने का मामला सामने आया है, जहां परिजनों को आरोपियों की गिरफ्तारी का वीडियो दिखाने के लिए डीएसपी को मजबूर किया गया। यह घटना इलाहाबाद के एक थाने में हुई, जहां पर एक युवक की हत्या के आरोपी पकड़े गए थे।
परिजनों की गुहार
परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उनके साथ बदसलूकी की और उन्हें आरोपियों की गिरफ्तारी का वीडियो दिखाने के लिए मजबूर किया। परिजनों ने बताया कि जब उन्होंने पुलिस से आरोपियों को जेल में भेजने के लिए कहा, तो पुलिस ने उन्हें आरोपियों की गिरफ्तारी का वीडियो दिखाने के लिए कहा। परिजनों का कहना है कि वे आरोपियों को जेल में भेजने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्हें उनकी गिरफ्तारी का वीडियो दिखाने के लिए मजबूर किया गया।
डीएसपी का बयान
इस मामले में डीएसपी ने बताया कि उन्होंने परिजनों को आरोपियों की गिरफ्तारी का वीडियो दिखाने के लिए कहा था, ताकि वे समझ सकें कि कैसे पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा था। डीएसपी के अनुसार, परिजनों को यह दिखाना था कि पुलिस ने कैसे आरोपियों को पकड़ा और उन्हें जेल में भेजा गया। डीएसपी ने कहा कि यह एक प्रकार का जांच प्रक्रिया थी, जिसके लिए उन्हें परिजनों के साथ बदसलूकी करनी पड़ी।
परिजनों की प्रतिक्रिया
परिजनों ने इस मामले में पुलिस की कार्रवाई की लोकतांत्रिक तरीके से की जाने की मांग की। परिजनों का कहना है कि उन्हें आरोपियों की गिरफ्तारी का वीडियो दिखाने के लिए मजबूर किया गया, जो कि गलत है। परिजनों ने कहा कि वे आरोपियों को जेल में भेजने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्हें उनकी गिरफ्तारी का वीडियो दिखाने के लिए मजबूर किया गया।
निष्कर्ष
यह घटना एक हैराने वाला मामला है, जहां परिजनों को आरोपियों की गिरफ्तारी का वीडियो दिखाने के लिए मजबूर किया गया। यह घटना लोकतांत्रिक तरीके से की जाने वाली कार्रवाई को दर्शाती है, जो कि गलत है। परिजनों को आरोपियों की गिरफ्तारी का वीडियो दिखाने के लिए मजबूर किया गया, जो कि गलत और अनुचित है।



