श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पांडु नदी बंदरगाह और कामाख्या रेलवे स्टेशन पर दो सहायता शिविर स्थापित किए गए हैं। पांडु नदी बंदरगाह स्थित शिविर का उद्घाटन असम सरकार की पर्यटन मंत्री अंजना नेओग ने किया। इस अवसर पर मध्य गुवाहाटी के विधायक विजय गुप्ता, जिला प्रशासक दिलीप कुमार दास और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
सहायता शिविर: एक नए युग की शुरुआत
पर्यटन मंत्री अंजना नेओग ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पांडु नदी बंदरगाह और कामाख्या रेलवे स्टेशन पर दो सहायता शिविर स्थापित किए गए हैं। इन शिविरों का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुविधाजनक और आरामदायक सुविधाएं प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि ये शिविर श्रद्धालुओं के लिए एक नए युग की शुरुआत है और उन्हें भगवान कामाख्या मंदिर की यात्रा करने में मदद करेंगे।
सहायता शिविर की विशेषताएं
पांडु नदी बंदरगाह स्थित शिविर में श्रद्धालुओं के लिए बाथरूम, शॉवर, भोजन की व्यवस्था, पेयजल की व्यवस्था, स्वच्छता की व्यवस्था, और अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। कामाख्या रेलवे स्टेशन पर स्थित शिविर में भी श्रद्धालुओं के लिए समान सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इन शिविरों में श्रद्धालुओं को भगवान कामाख्या मंदिर की यात्रा करने के लिए विशेष सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रतिबद्धता
जिला प्रशासक दिलीप कुमार दास ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पांडु नदी बंदरगाह और कामाख्या रेलवे स्टेशन पर दो सहायता शिविर स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन शिविरों का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुविधाजनक और आरामदायक सुविधाएं प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि ये शिविर श्रद्धालुओं के लिए एक नए युग की शुरुआत है और उन्हें भगवान कामाख्या मंदिर की यात्रा करने में मदद करेंगे।
समाज के सभी वर्गों के लिए सुविधाएं
मध्य गुवाहाटी के विधायक विजय गुप्ता ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पांडु नदी बंदरगाह और कामाख्या रेलवे स्टेशन पर दो सहायता शिविर स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन शिविरों में श्रद्धालुओं के लिए समाज के सभी वर्गों के लिए सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि ये शिविर श्रद्धालुओं के लिए एक नए युग की शुरुआत है और उन्हें भगवान कामाख्या मंदिर की यात्रा करने में मदद करेंगे।
निष्कर्ष
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पांडु नदी बंदरगाह और कामाख्या रेलवे स्टेशन पर दो सहायता शिविर स्थापित किए गए हैं। ये शिविर श्रद्धालुओं के लिए एक नए युग की शुरुआत है और उन्हें भगवान कामाख्या मंदिर की यात्रा करने में मदद करेंगे। इन शिविरों में श्रद्धालुओं के लिए बाथरूम, शॉवर, भोजन की व्यवस्था, पेयजल की व्यवस्था, स्वच्छता की व्यवस्था, और अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।



