छठी वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, रानीगुली द्वारा अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
रानीगुली के छठी वाहिनी सशस्त्र सीमा बल के जवानों ने आज अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस के अवसर पर एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में जवानों ने लोगों को नशीली दवाओं के सेवन से बचने के महत्व पर जागरूक किया।
नशीली दवाओं के खतरे के बारे में जागरूकता
इस दिन कार्यक्रम के दौरान जवानों द्वारा नशीली दवाओं के खतरे के बारे में लोगों को जागरूक किया गया। उन्होंने बताया कि नशीली दवाओं का सेवन न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि इससे समाज को भी बहुत बड़ा नुकसान होता है। उन्होंने लोगों से कहा कि वे नशीली दवाओं के सेवन से बचें और अपने परिवार के लिए भी अच्छा भविष्य बनाने के लिए काम करें।
स्कूली बच्चों के साथ संवाद
कार्यक्रम के दौरान जवानों ने स्कूली बच्चों के साथ भी संवाद किया। उन्होंने बच्चों से कहा कि वे नशीली दवाओं के सेवन से दूर रहें और अपने भविष्य को सुरक्षित रखें। जवानों ने बच्चों को बताया कि नशीली दवाओं के सेवन से वे अपने लक्ष्यों को प्राप्त नहीं कर सकते हैं और इससे उनका भविष्य खराब हो सकता है।
लोकार्पण और प्रदर्शनी
कार्यक्रम के दौरान जवानों ने एक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया। इसमें नशीली दवाओं के खतरे के बारे में जानकारी दी गई थी। जवानों ने यह भी बताया कि नशीली दवाओं के सेवन से कैसे बचा जा सकता है और इसके बारे में क्या उपाय किए जा सकते हैं।
नशीली दवाओं के प्रति जवानों की जागरूकता
इस कार्यक्रम से पता चलता है कि छठी वाहिनी सशस्त्र सीमा बल के जवान नशीली दवाओं के खतरे के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। उन्होंने लोगों को नशीली दवाओं से बचने के लिए प्रेरित किया और उन्हें अपने भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए काम करने के लिए कहा।
निष्कर्ष
छठी वाहिनी सशस्त्र सीमा बल के जवानों द्वारा आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम से पता चलता है कि वे लोगों के लिए काम करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने नशीली दवाओं के खतरे के बारे में लोगों को जागरूक किया और उन्हें अपने भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए प्रेरित किया। यह कार्यक्रम नशीली दवाओं के खतरे के बारे में जागरूकता फैलाने का एक महत्वपूर्ण कदम है।


