एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोर चला रहे सर्च ऑपरेशन
उत्तराखंड के टिहरी झील में हादसे के बाद, एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों ने सर्च ऑपरेशन चलाया है। यह ऑपरेशन तीन दिनों से जारी है और इस दौरान कई बार गोताखोरों ने झील के तल पर कई वस्तुएं ढूंढीं, लेकिन अभी तक कोई जीवित शव नहीं मिला है।
सर्च ऑपरेशन की तेजी
एनडीआरएफ के अधिकारियों ने बताया कि सर्च ऑपरेशन की तेजी से काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि गोताखोरों की टीमें झील के तल पर विस्तृत खोज कर रही हैं और उन्हें कई वस्तुएं मिली हैं। लेकिन अभी तक कोई जीवित शव नहीं मिला है।
स्थानीय गोताखोरों की भूमिका
स्थानीय गोताखोरों ने भी इस ऑपरेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने अपने ज्ञान और अनुभव का उपयोग करके झील के तल पर कई वस्तुएं ढूंढीं। इसके अलावा, उन्होंने गोताखोरों को झील के तल पर जाने के लिए सही जानकारी दी, जिससे उनकी खोज की प्रक्रिया आसान हुई।
झील के तल पर मिली वस्तुएं
एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों ने झील के तल पर कई वस्तुएं ढूंढीं, जिनमें कपड़े, जूते, और अन्य सामग्री शामिल हैं। लेकिन अभी तक कोई जीवित शव नहीं मिला है। अधिकारियों ने कहा कि वे सर्च ऑपरेशन जारी रखेंगे और झील के तल पर हर एक संभावना को देखते हुए काम करेंगे।
परिवारों का इंतजार
परिवारों का इंतजार अभी भी जारी है। वे अपने प्रियजनों को ढूंढने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की टीमें भी परिवारों के साथ संपर्क में हैं और उन्हें अपडेट दे रही हैं।
निष्कर्ष
एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों के द्वारा चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन में अभी तक कोई जीवित शव नहीं मिला है। लेकिन अधिकारियों ने कहा कि वे सर्च ऑपरेशन जारी रखेंगे और झील के तल पर हर एक संभावना को देखते हुए काम करेंगे। परिवारों का इंतजार अभी भी जारी है और वे अपने प्रियजनों को ढूंडने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।


