चंडीगढ़ में राज्यपाल एवं यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने कर्मचारियों को नशा विरोधी शपथ दिलाई। यह कार्यक्रम यूटी चंडीगढ़ के सचिवालय में आयोजित किया गया था। इसमें यूटी चंडीगढ़ के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया।
नशा मुक्त प्रशासन के लिए प्रतिबद्धता
गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि हमारा लक्ष्य एक नशा मुक्त प्रशासन का निर्माण करना है। हमारे अधिकारी और कर्मचारी इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि नशा एक बड़ा समस्या है और इसे दूर करने के लिए हमें एक साथ मिलकर काम करना होगा।
कर्मचारियों को नशा विरोधी शपथ दिलाने का उद्देश्य
गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि हम आज कर्मचारियों को नशा विरोधी शपथ दिला रहे हैं। यह शपथ उन्हें एक संदेश देगी कि हम नशा के खिलाफ हैं और हमारा लक्ष्य एक नशा मुक्त सामाजिक बनाना है। उन्होंने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारे अधिकारी और कर्मचारी नशा के प्रभावों को पूरी तरह से समझें और इसके खिलाफ लड़ें।
नशा विरोधी शपथ का महत्व
गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि नशा विरोधी शपथ एक महत्वपूर्ण कदम है जो हमें नशा मुक्त प्रशासन के लक्ष्य को प्राप्त करने की ओर ले जाएगी। उन्होंने कहा कि यह शपथ हमें एक साथ मिलकर काम करने के लिए प्रेरित करेगी और हमें नशा के खिलाफ लड़ने के लिए तैयार करेगी।
नशा के प्रभावों को समझना
गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारे अधिकारी और कर्मचारी नशा के प्रभावों को पूरी तरह से समझें। उन्होंने कहा कि नशा के प्रभाव कई हैं और हमें यह समझना होगा कि यह हमारे समाज को कैसे प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारे अधिकारी और कर्मचारी नशा के प्रभावों को कम करने के लिए काम करें।
निष्कर्ष
गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि हमें एक नशा मुक्त प्रशासन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए काम करना होगा। उन्होंने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारे अधिकारी और कर्मचारी नशा के खिलाफ लड़ें और हमें एक साथ मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि नशा विरोधी शपथ एक महत्वपूर्ण कदम है जो हमें नशा मुक्त प्रशासन के लक्ष्य को प्राप्त करने की ओर ले जाएगी।


