राजस्थान की राजधानी जयपुर में 27 जून से शुरू होने वाले पल्स पोलियो अभियान में 8.86 लाख बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। यह अभियान स्वास्थ्य विभाग और सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से चलाया जाएगा।
पल्स पोलियो अभियान का महत्व
पल्स पोलियो अभियान एक महत्वपूर्ण अभियान है जिसका उद्देश्य पोलियो के उन्मूलन को सुनिश्चित करना है। पोलियो एक गंभीर बीमारी है जो बच्चों को प्रभावित करती है और अक्सर वयस्कता में विकलांगता का कारण बनती है। पल्स पोलियो अभियान के माध्यम से सरकार ने पोलियो के उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए काम करना शुरू किया है।
जयपुर में पोलियो की खुराक का लक्ष्य
जयपुर में पल्स पोलियो अभियान के दौरान 8.86 लाख बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। यह बच्चे 0 से 5 वर्ष के होंगे और उन्हें पोलियो की खुराक पिलाने के लिए घर-घर जाकर काम किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और स्वास्थ्य कार्यकर्ता इस अभियान को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए काम करेंगे।
घर-घर जाकर पोलियो की खुराक
पल्स पोलियो अभियान में घर-घर जाकर पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। इसके लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ता और आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगे। उनसे संपर्क करने के लिए भी उन्होंने विशेष अभियान चलाया है।
स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां
स्वास्थ्य विभाग ने पल्स पोलियो अभियान के लिए विशेष तैयारियां की हैं। उन्होंने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया है जो घर-घर जाकर पोलियो की खुराक पिलाएंगे। उन्होंने बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने के लिए विशेष अभियान चलाया है।
निष्कर्ष
पल्स पोलियो अभियान एक महत्वपूर्ण अभियान है जिसका उद्देश्य पोलियो के उन्मूलन को सुनिश्चित करना है। जयपुर में 8.86 लाख बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग और सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से यह अभियान सफलतापूर्वक पूरा किया जाएगा।


