29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन के बाद राउण्ड टेबल वार्ता
29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन का आयोजन 28-30 जून 2026 को नई दिल्ली में हुआ। इस सम्मेलन में देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों ने भाग लिया। सम्मेलन के अंत में एक राउण्ड टेबल वार्ता आयोजित की गई, जिसमें देश के सभी मुख्य सचिवों ने भाग लिया।
ई-गवर्नेंस के महत्व पर चर्चा
राउण्ड टेबल वार्ता के दौरान, सभी मुख्य सचिवों ने ई-गवर्नेंस के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि ई-गवर्नेंस देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, लेकिन इसके लिए प्रौद्योगिकी के साथ-साथ प्रशासनिक सुधार भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ई-गवर्नेंस के माध्यम से हमें अधिक पारदर्शिता, जवाबदेही, और दक्षता प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
ई-गवर्नेंस के लिए राज्यों की पहल
राउण्ड टेबल वार्ता के दौरान, सभी मुख्य सचिवों ने अपने-अपने राज्यों में ई-गवर्नेंस के लिए किए जा रहे कार्यों के बारे में चर्चा की। उन्होंने कहा कि उनके राज्य में ई-गवर्नेंस के लिए कई पहल की जा रही हैं, जैसे कि ऑनलाइन सेवाएं, डिजिटल लैंड रिकॉर्ड, और एकल स्वीकृति प्रणाली। उन्होंने कहा कि इन पहलों से नागरिकों को अधिक सुविधा और लाभ मिलेगा।
ई-गवर्नेंस के लिए चुनौतियां
राउण्ड टेबल वार्ता के दौरान, सभी मुख्य सचिवों ने ई-गवर्नेंस के लिए चुनौतियों के बारे में चर्चा की। उन्होंने कहा कि ई-गवर्नेंस के लिए प्रौद्योगिकी के साथ-साथ प्रशासनिक सुधार भी आवश्यक है, लेकिन इसके लिए पर्याप्त संसाधन और समर्थन उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि ई-गवर्नेंस के लिए चुनौतियों का समाधान करने के लिए हमें एक साथ मिलकर काम करना होगा।
निष्कर्ष
राउण्ड टेबल वार्ता के दौरान, सभी मुख्य सचिवों ने ई-गवर्नेंस के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि ई-गवर्नेंस देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, लेकिन इसके लिए प्रौद्योगिकी के साथ-साथ प्रशासनिक सुधार भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ई-गवर्नेंस के माध्यम से हमें अधिक पारदर्शिता, जवाबदेही, और दक्षता प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। राउण्ड टेबल वार्ता के बाद, सभी मुख्य सचिवों ने एक साझा घोषणा जारी की, जिसमें उन्होंने ई-गवर्नेंस के लिए अपने संकल्प को व्यक्त किया।


