पेरिस में भारत-फ्रांस व्यापार गोलमेज सम्मेलन को संबोधित करते वित्त मंत्री सीतारमण
भारत और फ्रांस के बीच व्यापार और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से पेरिस में भारत-फ्रांस व्यापार गोलमेज सम्मेलन आयोजित किया गया है। इस सम्मेलन को संबोधित करने के लिए भारत के वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेरिस पहुंची हैं।
भारत-फ्रांस के संबंधों की गहराई
भारत और फ्रांस के बीच संबंधों की गहराई को सितारमण ने इस सम्मेलन में उजागर किया है। उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच संबंधों की गहराई न केवल आर्थिक रूप से बल्कि सांस्कृतिक और शैक्षिक रूप से भी है। उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं।
व्यापार और निवेश को बढ़ावा देना
वित्त मंत्री ने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच व्यापार के माध्यम से दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि फ्रांस की कई बड़ी कंपनियों ने भारत में निवेश करने की योजना बनाई है।
ज्ञान और संसाधनों को साझा करना
वित्त मंत्री ने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच ज्ञान और संसाधनों को साझा करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच शिक्षा और शोध के क्षेत्र में सहयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के वैज्ञानिक और शोधकर्ता मिलकर नई तकनीक विकसित कर सकते हैं।
भारत-फ्रांस के सहयोग के क्षेत्र
वित्त मंत्री ने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच सहयोग के कई क्षेत्र हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, शिक्षा, शोध, स्वास्थ्य और पर्यावरण के क्षेत्र में सहयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग के साथ ही दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।
निष्कर्ष
भारत-फ्रांस व्यापार गोलमेज सम्मेलन को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच संबंधों की गहराई न केवल आर्थिक रूप से बल्कि सांस्कृतिक और शैक्षिक रूप से भी है। उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग के साथ ही दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।


