सारण के विभास्कर एशियाई अंडर-23 एथलेटिक्स में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे

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भारत एशियाई अंडर-23 एथलेटिक्स में प्रतिनिधित्व

सारण के विभास्कर को भारत का नया आशा किरण माना जा रहा है। उन्हें भारत की अंडर-23 एथलेटिक्स टीम के लिए चुना गया है और वे जल्द ही चीन के नानजिंग में होने वाले एशियाई अंडर-23 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 100 मीटर व रिले रेस में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

विभास्कर की पृष्ठभूमि

विभास्कर की कहानी एक गरीब परिवार से शुरू होती है। उनके पिता एक मजदूर थे जो दिनभर काम करके अपने परिवार का गुजारा चलाते थे। विभास्कर को खेल में रुचि थी और उन्होंने अपने पिता की मेहनत को देखकर भी हार नहीं मानी। उन्होंने अपने बचपन में ही धावा शुरू कर दिया था और जल्द ही उन्होंने अपने गांव के बच्चों को पीछे छोड़ दिया।

विभास्कर की यात्रा

विभास्कर ने अपने गांव के पास एक स्कूल में पढ़ाई की। वहाँ उन्होंने अपनी प्रतिभा को दिखाया और जल्द ही उन्हें अपने स्कूल की टीम में चुना गया। विभास्कर ने अपने स्कूल के लिए कई प्रतियोगिताओं में भाग लिया और कई पदक जीते। इसके बाद उन्हें राज्य स्तर की टीम में चुना गया और उन्होंने कई राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लिया।

विभास्कर की चुनौतियां

विभास्कर की यात्रा आसान नहीं रही है। उन्हें अपने गांव में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी और उन्हें अपने खेल के लिए पैसे जुटाने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। लेकिन विभास्कर ने कभी हार नहीं मानी और उन्होंने अपने सपनों को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत की।

विभास्कर की भविष्य की योजनाएं

विभास्कर को भारत की अंडर-23 एथलेटिक्स टीम में चुने जाने के बाद उनके भविष्य की योजनाएं बदल गई हैं। उन्हें जल्द ही चीन के नानजिंग में होने वाले एशियाई अंडर-23 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 100 मीटर व रिले रेस में भारत का प्रतिनिधित्व करना है। विभास्कर ने बताया कि उन्हें अपने गुरुओं का शुक्रिया अदा करना है जिन्होंने उन्हें इस स्तर तक पहुँचाने में मदद की। उन्होंने कहा कि वह अपनी टीम के साथ मिलकर इस टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करेंगे और भारत का नाम रोशन करेंगे।

निष्कर्ष

विभास्कर की कहानी एक प्रेरणा है जो हमें यह याद दिलाती है कि कठिनाइयों के बावजूद भी हम अपने सपनों को पूरा कर सकते हैं। विभास्कर की यात्रा एक सच्ची कहानी है जो हमें यह याद दिलाती है कि खेल के क्षेत्र में भी हमारे पास न केवल प्रतिभा की कमी है, बल्कि हमारे पास जुनून और समर्पण भी है। विभास्कर को शुभकामनाएं और हमें उम्मीद है कि वह अपने सपनों को पूरा करने में सफल होंगे।

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