झारखंड स्टील ठेका मजदूर संघ ने उपायुक्त कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन करते हुए अपने कई मांगों को लेकर आवाज उठाया है। यह प्रदर्शन कल 7 जुलाई को सुबह 11 बजे से शुरू हुआ और दोपहर 2 बजे तक चला।
ठेके पर मजदूरों की संख्या का मुद्दा
झारखंड स्टील ठेका मजदूर संघ ने आरोप लगाया है कि कंपनी ने ठेके पर काम करने वाले मजदूरों की संख्या को कम करने का प्रयास किया है। संघ के अनुसार, कंपनी ने बिना किसी आधार के मजदूरों को निकाल दिया है, जिससे कई परिवारों की जिंदगी पर प्रभाव पड़ रहा है।
मजदूरों को न्यूनतम वेतन देना का विवाद
संघ ने आरोप लगाया है कि कंपनी ने मजदूरों को न्यूनतम वेतन देने की प्रक्रिया में देरी की है। मजदूरों का कहना है कि उन्हें अपने वेतन के लिए कई बार चक्कर लगाने पड़ते हैं और उनके वेतन में भी कटौती की जाती है।
सुरक्षा उपायों का अभाव
संघ ने आरोप लगाया है कि कंपनी ने मजदूरों को सुरक्षित काम करने के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं किए हैं। मजदूरों का कहना है कि कंपनी ने उन्हें जरूरी सुरक्षा उपकरण प्रदान नहीं किए हैं और उन्हें सुरक्षा शिक्षा भी नहीं दी गई है।
प्रदर्शन की मुख्य मांग
संघ ने उपायुक्त कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन करते हुए अपनी कई मांगें रखीं। संघ के अनुसार, कंपनी को मजदूरों को न्यूनतम वेतन देना होगा, उन्हें सुरक्षा उपायों के साथ काम करने का मौका देना होगा और उन्हें ठेके पर काम करने का अधिकार देना होगा।
निष्कर्ष
झारखंड स्टील ठेका मजदूर संघ का यह प्रदर्शन एक महत्वपूर्ण संदेश दे रहा है कि मजदूरों के अधिकारों की रक्षा की जरूरत है। संघ की मांगों को सुनने के लिए कंपनी को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।


