परसाखेड़ा स्थित नमकीन फैक्ट्री में निरीक्षण के दौरान एक्सपायरी पामोलीन तेल की जांच करते खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीम।
एक्सपायरी पामोलीन तेल की जांच
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीम ने गुरुवार को परसाखेड़ा स्थित नमकीन फैक्ट्री में निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने एक्सपायरी पामोलीन तेल की जांच की। पामोलीन तेल एक आम मसाला है जिसका उपयोग नमकीन फैक्ट्री में मसाला के रूप में किया जाता है।
निरीक्षण के दौरान कई कमियां पाई गईं
निरीक्षण के दौरान एफएसडीए की टीम ने कई कमियां पाईं। टीम ने देखा कि फैक्ट्री में स्टोर किए गए पामोलीन तेल की एक्सायरी डेट पूरी तरह से स्पष्ट नहीं थी। टीम ने इसे एक गंभीर चेतावनी माना और फैक्ट्री प्रबंधन को कड़ी से कड़ी सख्ती से निर्देश दिए गए।
फैक्ट्री प्रबंधन ने मानी कमियां
फैक्ट्री प्रबंधन ने एफएसडीए की टीम की रिपोर्ट को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि वे अपनी कमियों को सुधारने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। फैक्ट्री प्रबंधन ने कहा कि वे अपने क्वालिटी कंट्रोल प्रोसेस को और भी मजबूत करेंगे ताकि भविष्य में ऐसी कोई कमी न हो।
एफएसडीए की टीम ने दिया सुझाव
एफएसडीए की टीम ने फैक्ट्री प्रबंधन को कई सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि फैक्ट्री में एक्सपायरी पामोलीन तेल को सही तरीके से स्टोर किया जाए। उन्होंने कहा कि फैक्ट्री में क्वालिटी कंट्रोल प्रोसेस को और भी मजबूत किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी कोई कमी न हो।
निष्कर्ष
परसाखेड़ा स्थित नमकीन फैक्ट्री में निरीक्षण के दौरान एक्सपायरी पामोलीन तेल की जांच करते खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीम ने कई कमियां पाईं। फैक्ट्री प्रबंधन ने एफएसडीए की टीम की रिपोर्ट को स्वीकार किया और कहा कि वे अपनी कमियों को सुधारने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।


