सुकमा कलेक्टर की दो टूक, गुणवत्ता जांच के बाद ही होगा निर्माण कार्यों का भुगतान
सुकमा जिले में निर्माण कार्यों के लिए भुगतान के मुद्दे पर सुकमा कलेक्टर ने अपनी दो टूक दी है। उन्होंने कहा है कि गुणवत्ता जांच के बाद ही निर्माण कार्यों का भुगतान किया जाएगा। यह निर्णय उन्होंने अपने एक आदेश में घोषित किया है।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांच का महत्व
सुकमा कलेक्टर ने कहा है कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांच का बहुत महत्व है। उन्होंने कहा कि अगर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता खराब होगी, तो क्या फायदा होगा कि भुगतान जल्दी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता जांच के बाद ही निर्माण कार्यों का भुगतान किया जाएगा।
गुणवत्ता जांच के लिए नई प्रक्रिया शुरू
सुकमा कलेक्टर ने कहा है कि गुणवत्ता जांच के लिए नई प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांच के लिए एक टीम बनाई जाएगी, जो निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच करेगी। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता जांच के बाद ही निर्माण कार्यों का भुगतान किया जाएगा।
निर्माण कार्यों के लिए भुगतान की नई नीति
सुकमा कलेक्टर ने कहा है कि निर्माण कार्यों के लिए भुगतान की नई नीति बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांच के बाद ही भुगतान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता खराब होगी, तो भुगतान किया नहीं जाएगा।
ग्रामीण विकास पर जोर
सुकमा कलेक्टर ने कहा है कि ग्रामीण विकास पर जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांच के बाद ही भुगतान किया जाएगा, ताकि ग्रामीण विकास की गति बढ़े। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास पर जोर देने से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास होगा।
निष्कर्ष
सुकमा कलेक्टर की दो टूक से स्पष्ट है कि गुणवत्ता जांच के बाद ही निर्माण कार्यों का भुगतान किया जाएगा। यह निर्णय उन्होंने अपने आदेश में घोषित किया है। उन्होंने कहा है कि गुणवत्ता जांच के लिए नई प्रक्रिया शुरू की जाएगी और निर्माण कार्यों के लिए भुगतान की नई नीति बनाई जाएगी। यह निर्णय ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के लिए लिया गया है।


