मध्य प्रदेश में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक महीने की आयु की एक परित्यक्त बच्ची को गृह रक्षा पुलिस (जीआरपी) ने अपने परिजनों को वापस सौंप दिया है। यह बच्ची को 11 दिनों के भीतर परिजनों के सुपुर्द करना एक अद्भुत काम है, जो जीआरपी की कार्यशीलता और समर्पण को दर्शाता है।
परित्यक्त बच्ची की खोज
जीआरपी ने परित्यक्त बच्ची को एक पार्क में पाया था, जहां वह अकेली और व्यथित होकर बैठी थी। पुलिस ने तुरंत बच्ची की देखभाल के लिए कदम उठाया और उसे सुरक्षित स्थान पर ले गई। बच्ची की पहचान के लिए पुलिस ने हर संभव प्रयास किया, लेकिन परिजनों का पता नहीं लग सका।
जीआरपी की कार्रवाई
जीआरपी ने बच्ची की देखभाल के लिए एक विशेष टीम बनाई, जिसने बच्ची की देखभाल के लिए हर संभव कदम उठाया। टीम ने बच्ची को भोजन, पानी और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कीं, जिससे उसकी सेहत में सुधार हुआ। इसके अलावा, पुलिस ने बच्ची की पहचान के लिए सोशल मीडिया और स्थानीय समुदाय में जानकारी फैलाई।
परिजनों की पहचान
जीआरपी की कार्रवाई के बाद, परिजनों की पहचान हुई और उन्हें संपर्क किया गया। परिजन बच्ची को वापस लेने के लिए तैयार हो गए और उन्होंने बच्ची को वापस लेने के लिए जीआरपी से संपर्क किया। इसके बाद, बच्ची को परिजनों के सुपुर्द करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
निष्कर्ष
जीआरपी की कार्यशीलता और समर्पण ने एक महीने की परित्यक्त बच्ची को अपने परिजनों के सुपुर्द करने के लिए एक अद्भुत काम किया है। यह घटना पुलिस की कार्यशीलता और समर्पण को दर्शाती है, जो समाज में एक अच्छा संदेश देती है।



