आज की तारीख 29 जुलाई 2026 है, जब देश की एक प्रमुख नेत्र विशेषज्ञ डॉ. नूतन कुमारी के खिलाफ एक अभिन्न घटना की खबरें आईं। इस घटना के बाद, सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए, मंत्री ज्ञानदत्त शर्मा ने डॉ. नूतन कुमारी से घटना के बारे में जानकारी लेने का फैसला किया।
घटना की प्रकृति और प्रकाशित खबरें
डॉ. नूतन कुमारी के खिलाफ घटना की खबरें तब सामने आईं जब यह पता चला कि उन्होंने अपने क्लिनिक में पेशाब की जांच के लिए एक नवजात शिशु को ऑपरेशन के बिना पेशाब करने के लिए मजबूर किया था। यह घटना इतनी भयावह थी कि इसकी खबरें जल्दी ही सोशल मीडिया पर फैल गईं और लोगों में आक्रोश फैल गया।
मंत्री ज्ञानदत्त शर्मा की कार्रवाई
मंत्री ज्ञानदत्त शर्मा ने इस घटना के बारे में जानकारी लेने के लिए डॉ. नूतन कुमारी से संपर्क किया। उन्होंने डॉ. नूतन कुमारी से पूछा कि उन्होंने क्या किया था, और क्यों उन्होंने ऐसा किया था। डॉ. नूतन कुमारी ने अपनी ओर से सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने ऐसा केवल इसलिए किया था क्योंकि उन्हें इस बारे में कोई विकल्प नहीं था।
स्वास्थ्य मंत्रालय की कार्रवाई
स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस घटना के बारे में जानकारी लेने के लिए एक जांच समिति का गठन किया। जांच समिति ने डॉ. नूतन कुमारी के खिलाफ की गई कार्रवाई की जांच की और पाया कि उन्होंने अपने क्लिनिक में पेशाब की जांच के लिए एक नवजात शिशु को ऑपरेशन के बिना पेशाब करने के लिए मजबूर किया था।
निष्कर्ष
इस घटना ने देशभर में आक्रोश पैदा किया है और लोगों में सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या डॉ. नूतन कुमारी को सजा मिलनी चाहिए। मंत्री ज्ञानदत्त शर्मा ने कहा है कि अगर जांच समिति की रिपोर्ट में कोई भी अनियमितता पाई जाती है, तो डॉ. नूतन कुमारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


