उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में तैनात एंटी करप्शन ब्यूराे (एसीबी) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पशु चिकित्सक डा. अंकुर को रिश्वत लेने के आराेप में हिरासत में लिया है। यह मामला पशु चिकित्सा विभाग के एक अधिकारी से जुड़ा है, जो डा. अंकुर की हिरासत से काफी बड़ा मुद्दा बन गया है।
आराेप और गिरफ्तारी
एसीबी की एक टीम ने डा. अंकुर के खिलाफ जांच शुरू की थी, जिसके बाद उन्हें रिश्वत लेने के आराेप में गिरफ्तार किया गया है। यह मामला एक पशु चिकित्सा अधिकारी के साथ जुड़ा है, जो डा. अंकुर के साथ एक सरकारी अस्पताल में तैनात थे। अधिकारी का आराेप है कि डा. अंकुर ने उनसे 50,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी, जो उन्होंने देने से इनकार कर दिया था।
जांच और गिरफ्तारी की प्रक्रिया
एसीबी की जांच में पता चला कि डा. अंकुर ने रिश्वत लेने के लिए कई बार अधिकारी से संपर्क किया था। अधिकारी ने डा. अंकुर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद एसीबी ने जांच शुरू की। जांच में पाया गया कि डा. अंकुर ने रिश्वत लेने के लिए अधिकारी को कई बार फोन किया था और उनसे रिश्वत मांगी थी।
सरकारी अस्पताल में तैनात थे डा. अंकुर
डा. अंकुर सरकारी अस्पताल में पशु चिकित्सा विभाग में तैनात थे। उन्होंने पिछले कुछ महीनों से सरकारी अस्पताल में अपनी नौकरी से जुड़ी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया था। लेकिन एसीबी की जांच में पता चला कि डा. अंकुर ने रिश्वत लेने के लिए अधिकारी से संपर्क किया था।
निष्कर्ष
डा. अंकुर की गिरफ्तारी एक बड़ा मुद्दा बन गया है और लोगों में उनके प्रति नाराजगी है। यह मामला सरकारी अस्पताल में तैनात अधिकारियों की निष्ठा पर प्रश्नचिन्ह लगाता है। एसीबी की जांच में पता चला कि डा. अंकुर ने रिश्वत लेने के लिए अधिकारी से संपर्क किया था, जो एक बड़ा अपराध है। इस मामले में एसीबी ने डा. अंकुर को रिश्वत लेने के आराेप में हिरासत में लिया है।


