इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी का दीक्षांत समारोह में महत्वपूर्ण घोषणाएं

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इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी का दीक्षांत समारोह

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी का दीक्षांत समारोह संपन्न

पूर्णा (चंद्रपुर), महाराष्ट्र – इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी (आईजीएनएफए) के दीक्षांत समारोह में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने एक भारतीय वन सेवा परिवीक्षार्थी को प्रमाणपत्र प्रदान किया। यह समारोह 29 जुलाई 2026 को आयोजित किया गया था।

दीक्षांत समारोह की भव्यता

आईजीएनएफए के दीक्षांत समारोह में भूपेंद्र यादव ने परिवीक्षार्थी को प्रमाणपत्र प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें दीक्षांत प्रमाणपत्र भी प्रदान किया। इस अवसर पर, भूपेंद्र यादव ने कहा कि वन सेवा एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है और हमें इसके विकास के लिए काम करना होगा। उन्होंने कहा कि हमें वनों की रक्षा और उनके संरक्षण के लिए काम करना होगा।

पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता

आईजीएनएफए के दीक्षांत समारोह में भूपेंद्र यादव ने पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता को उजागर किया। उन्होंने कहा कि हमें जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का सामना करना होगा और इसके लिए हमें कार्रवाई करनी होगी। उन्होंने कहा कि हमें वनों की रक्षा और उनके संरक्षण के लिए काम करना होगा।

भारतीय वन सेवा की भूमिका

आईजीएनएफए के दीक्षांत समारोह में भूपेंद्र यादव ने भारतीय वन सेवा की भूमिका को भी उजागर किया। उन्होंने कहा कि भारतीय वन सेवा एक महत्वपूर्ण संगठन है जो वन सेवा के क्षेत्र में काम करता है। उन्होंने कहा कि हमें वन सेवा के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को प्रोत्साहित करना होगा।

भूपेंद्र यादव की बातें

आईजीएनएफए के दीक्षांत समारोह में भूपेंद्र यादव ने कहा कि हमें वन सेवा के क्षेत्र में काम करना होगा और इसके लिए हमें कार्रवाई करनी होगी। उन्होंने कहा कि हमें जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का सामना करना होगा और इसके लिए हमें कार्रवाई करनी होगी। उन्होंने कहा कि हमें वनों की रक्षा और उनके संरक्षण के लिए काम करना होगा।

निष्कर्ष

आईजीएनएफए के दीक्षांत समारोह में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने एक भारतीय वन सेवा परिवीक्षार्थी को प्रमाणपत्र प्रदान किया। यह समारोह 29 जुलाई 2026 को आयोजित किया गया था। भूपेंद्र यादव ने पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता को उजागर किया और कहा कि हमें जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का सामना करना होगा। उन्होंने कहा कि हमें वनों की रक्षा और उनके संरक्षण के लिए काम करना होगा।