शिकायत करते संत व ग्रामीण के बीच हुआ विवाद

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संत व ग्रामीण का विवाद हुआ

शिकायत करते संत व ग्रामीण

चुनावी दौर में गांवों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। संत-गुरुजन और ग्रामीण भी चुनाव आयोग की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि चुनाव आयोग ने ग्रामीण क्षेत्रों में मतदान को लेकर कोई विशेष देखभाल नहीं की।

गांवों में चुनावी आक्रोश

गांवों में चुनावी आक्रोश देखने को मिल रहा है। संत-गुरुजन और ग्रामीण भी चुनाव आयोग की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि चुनाव आयोग ने ग्रामीण क्षेत्रों में मतदान को लेकर कोई विशेष देखभाल नहीं की। ग्रामीणों का कहना है कि उनके क्षेत्रों में मतदान केंद्रों की संख्या कम है, जिससे लंबी कतारें लग जाती हैं।

मतदान केंद्रों की कमी

ग्रामीणों का कहना है कि उनके क्षेत्रों में मतदान केंद्रों की संख्या कम है, जिससे लंबी कतारें लग जाती हैं। इससे मतदाताओं को वोट डालने में काफी मुश्किल होती है। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव आयोग ने उनके क्षेत्रों में मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ानी चाहिए थी। इससे मतदान की प्रक्रिया आसान होती और लंबी कतारें नहीं लगतीं।

चुनाव आयोग की लापरवाही

संत-गुरुजन और ग्रामीण भी चुनाव आयोग की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि चुनाव आयोग ने ग्रामीण क्षेत्रों में मतदान को लेकर कोई विशेष देखभाल नहीं की। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव आयोग ने उनके क्षेत्रों में मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया।

ग्रामीणों की मांग

ग्रामीणों की मांग है कि चुनाव आयोग ने ग्रामीण क्षेत्रों में मतदान को लेकर विशेष देखभाल की हो। उनका कहना है कि चुनाव आयोग ने मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ानी चाहिए और मतदान की प्रक्रिया को आसान बनाना चाहिए। इससे मतदाताओं को वोट डालने में कोई मुश्किल नहीं होती।

निष्कर्ष

चुनावी आक्रोश गांवों में देखने को मिल रहा है। संत-गुरुजन और ग्रामीण भी चुनाव आयोग की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि चुनाव आयोग ने ग्रामीण क्षेत्रों में मतदान को लेकर कोई विशेष देखभाल नहीं की। ग्रामीणों की मांग है कि चुनाव आयोग ने मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ानी चाहिए और मतदान की प्रक्रिया को आसान बनाना चाहिए।