कश्मीर की राजनीतिक सियासत में एक बार फिर से गर्मायी आ गई है। पार्टी ऑफ द पीपल (PDP) ने आज 05 अगस्त को कठुआ में एक काला दिवस प्रदर्शन का आयोजन किया, जिसमें उन्होंने जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 की बहाली और राज्य की मांग की। इस प्रदर्शन की शुरुआत भी हिंसक हुई और प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के साथ भिड़ंत हो गई।
प्रदर्शन में शामिल हुए नेता और कार्यकर्ता
प्रदर्शन में पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शामिल हुए, जिनमें से कुछ को पुलिस ने हिरासत में लिया। प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए और पोस्टर वाले बैनर के साथ रास्ते पर बैठ गए, जिनमें एक बैनर पर लिखा था, “आर्टिकल 370 बहाली के लिए हमारा आंदोलन जारी रहेगा।” प्रदर्शनकारियों ने आर्टिकल 370 की बहाली और जम्मू-कश्मीर को फिर से राज्य का दर्जा देने की मांग की।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प
प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प के दौरान, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया और कई गोलियां भी चलाईं। इस झड़प में कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए और पुलिस के कई जवान भी घायल हुए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन पर गोली चलाई, जिसके बाद उन्होंने भी पुलिस पर पथराव किया।
प्रदर्शनकारियों की मांग
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आर्टिकल 370 की बहाली और जम्मू-कश्मीर को फिर से राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर वे आंदोलन जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने उनकी मांगों को ignore किया है और उन्हें अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे अपने अधिकारों के लिए जान कुर्बान करने को तैयार हैं।
पुलिस की प्रतिक्रिया
पुलिस ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने उन पर हमला किया और उन्हें बचाने के लिए उन्होंने गोली चलाई। पुलिस ने कहा कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों को शांति से प्रदर्शन करने के लिए कहा, लेकिन वे नहीं माने। पुलिस ने कहा कि वे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे और उन्हें सख्त से सख्त सजा देंगे।
निष्कर्ष
प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प ने कश्मीर की राजनीतिक सियासत को फिर से गर्माया है। प्रदर्शनकारियों ने आर्टिकल 370 की बहाली और जम्मू-कश्मीर को फिर से राज्य का दर्जा देने की मांग की है। यह आंदोलन भारत के संविधान को लेकर एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, जो भारत सरकार के लिए एक चुनौतीपूर्ण समय है।


