योगी आदित्यनाथ लोकभवन में हथकरघा दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए

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योगी आदित्यनाथ हथकरघा दिवस कार्यक्रम

लोकभवन में हथकरघा दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि हथकरघा एक ऐसा पारंपरिक कार्य है जो हमारी संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह कार्य न केवल आर्थिक रूप से हमारे लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह हमारे समाज की सामाजिक और सांस्कृतिक एकता को भी मजबूत करता है।

हथकरघा की महत्ता को समझने की आवश्यकता है

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि हथकरघा की महत्ता को हमें समझने की आवश्यकता है। यह कार्य न केवल हमारे पारंपरिक जीवन को जीने में मदद करता है, बल्कि यह हमारे लिए एक महत्वपूर्ण आय का स्रोत भी है। उन्होंने कहा कि हथकरघा के माध्यम से हम अपने समाज में स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के सपने को सच बनाने के लिए काम कर सकते हैं।

हथकरघा के माध्यम से स्वदेशी और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि हथकरघा के माध्यम से हम अपने समाज में स्वदेशी और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए काम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमें अपने देश की मुद्रा को मजबूत करने के लिए हथकरघा को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हथकरघा के माध्यम से हम अपने देश को स्वदेशी और आत्मनिर्भर बनाने के लिए काम कर सकते हैं।

हथकरघा के कारीगरों के सम्मान को बढ़ावा देना

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि हथकरघा के कारीगरों के सम्मान को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमें अपने समाज में हथकरघा के कारीगरों के सम्मान को बढ़ावा देने के लिए काम करना होगा। उन्होंने कहा कि हथकरघा के कारीगर हमारे समाज के महत्वपूर्ण हिस्से हैं और हमें उन्हें सम्मान देना होगा।

हथकरघा के माध्यम से समाज में सामाजिक एकता को बढ़ावा देना

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि हथकरघा के माध्यम से हम समाज में सामाजिक एकता को बढ़ावा देने के लिए काम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हथकरघा का कार्य हमारे समाज में एकता और सामंजस्य को बढ़ावा देता है। उन्होंने कहा कि हथकरघा के माध्यम से हम अपने समाज में एकता और सामंजस्य को बढ़ावा देने के लिए काम कर सकते हैं।

निष्कर्ष

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि हथकरघा एक ऐसा पारंपरिक कार्य है जो हमारी संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि हमें हथकरघा की महत्ता को समझने की आवश्यकता है और इसके माध्यम से हम अपने समाज में स्वदेशी और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए काम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमें हथकरघा के कारीगरों के सम्मान को बढ़ावा देने की आवश्यकता है और इसके माध्यम से हम समाज में सामाजिक एकता को बढ़ावा देने के लिए काम कर सकते हैं।