मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम में किया शिरकत

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस समारोह में

आज, भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर, राज्य में एक महत्वपूर्ण दिन है। यह दिन भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण यादगार बन गया है, और इसे ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। इस दिन का महत्व समझने के लिए, हमें पिछले इतिहास को एक नज़र से देखना होगा।

विभाजन की कहानी

1947 में भारत का विभाजन हुआ था, जिससे देश में विभिन्न समुदायों के लोगों में विभाजन हुआ था। इस विभाजन ने बहुत से लोगों को अपने घरों और व्यवसायों से वंचित कर दिया था। इस दिन को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिससे हमें इस विभाजन की याद दिलाई जाती है और इसके प्रभावों को समझने का प्रयास किया जाता है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की संबोधन

आज, राज्य में ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के राज्य स्तरीय समारोह को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संबोधित किया। उन्होंने इस दिन का महत्व समझाया और कहा कि इस दिन को याद दिलाने से हमें अपने इतिहास और उसके प्रभावों को समझने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि हमें अपने देश की एकता और सुरक्षा के लिए काम करना होगा।

विभाजन के प्रभाव

विभाजन के प्रभाव आज भी देश में देखे जा सकते हैं। बहुत से लोगों को अपने घरों और व्यवसायों से वंचित होना पड़ा था, जिससे उन्हें बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। आज भी, देश में विभिन्न समुदायों के लोगों के बीच तनाव और असहमति देखी जा सकती है।

एकता का महत्व

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि हमें अपने देश की एकता और सुरक्षा के लिए काम करना होगा। उन्होंने कहा कि हमें अपने समुदायों के बीच एकता और समझदारी को बढ़ावा देना होगा। उन्होंने कहा कि हमें अपने देश के इतिहास को याद रखना होगा और उसके प्रभावों को समझने का प्रयास करना होगा।

निष्कर्ष

आज, ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के राज्य स्तरीय समारोह के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस दिन का महत्व समझाया और कहा कि हमें अपने देश की एकता और सुरक्षा के लिए काम करना होगा। उन्होंने कहा कि हमें अपने समुदायों के बीच एकता और समझदारी को बढ़ावा देना होगा। इस दिन को याद दिलाने से हमें अपने इतिहास और उसके प्रभावों को समझने में मदद मिलेगी।