छपरा के एक छोटे से गाँव से उठी आवाज़, जहाँ विधायक छोटी कुमारी ने विभागीय बैठकों में बिजली, स्कूल और पुल की गंभीर समस्याओं पर प्रकाश डाला। 29 सितंबर 2026 को आयोजित इन बैठकों में, गाँव की बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर सरकार के संबंधित अधिकारियों से तत्काल समाधान की मांग की गई। छोटी कुमारी ने अपने अनुभवों और गाँववासियों के संघर्षों को बारीकी से साझा किया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाएँ कितनी अनिवार्य हैं।
गाँव की बिजली संकट: लगातार कटौती से रोज़मर्रा की ज़िन्दगी पर असर
छोटी कुमारी ने बताया कि गाँव में बिजली की आपूर्ति हर दिन रुकती है, जिससे कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर गहरा असर पड़ता है। रात के समय के लगातार बिजली कटने से छात्रों को पढ़ाई में कठिनाई होती है और छोटे व्यवसायों का संचालन मुश्किल हो जाता है।
स्कूल की हालत: पुरानी इमारत और संसाधनों की कमी
विधायिका ने स्कूल की इमारत की हालत पर भी प्रकाश डाला। पुरानी कक्षा, टूटे हुए फर्नीचर और शिक्षण सामग्री की कमी ने विद्यार्थियों के सीखने के माहौल को प्रभावित किया है। स्कूल में पर्याप्त पुस्तकें और लैब सुविधाएँ न होने के कारण, छात्रों के शैक्षणिक प्रदर्शन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
पुल का ढहना: यातायात और आर्थिक गतिविधियों पर खतरा
छोटी कुमारी ने बताया कि गाँव के प्रमुख पुल की हालत खराब है। बार-बार होने वाली बारिश के बाद पुल पर भारी ट्रैफ़िक के कारण दुर्घटनाएँ बढ़ रही हैं। इससे न केवल गाँव के लोगों को यात्रा में कठिनाई होती है, बल्कि स्थानीय व्यापार और बाजार गतिविधियों पर भी नकारात्मक असर पड़ता है।
विभागीय बैठकों में माँगी गई तात्कालिक कदम
बैठकों के दौरान, विधायक ने संबंधित विभागों से तत्काल कदम उठाने का अनुरोध किया। उन्होंने बिजली संयंत्रों के विस्तार, स्कूल के नवीनीकरण, और पुल की मरम्मत के लिए बजट आवंटन की मांग की। साथ ही, उन्होंने गाँव में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सुविधाओं के विस्तार का भी प्रस्ताव रखा।
निष्कर्ष
छोटी कुमारी की आवाज़ ने छपरा के ग्रामीण जीवन की वास्तविक चुनौतियों को उजागर किया। बिजली, शिक्षा और बुनियादी ढाँचे की कमी से न केवल लोगों की रोज़मर्रा की ज़िन्दगी प्रभावित होती है, बल्कि आर्थिक विकास और सामाजिक प्रगति भी रुक जाती है। विभागीय बैठकों में उठाई गई मांगों को तात्कालिक रूप से पूरा करना आवश्यक है ताकि ग्रामीण इलाकों में समान अवसर और समृद्धि सुनिश्चित की जा सके।



