डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय में ‘युवा शक्ति–विकसित भारत की शक्ति’ विषयक भाषण प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों के साथ अतिथिगण।

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डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय में ‘युवा शक्ति–विकसित भारत की शक्ति’ विषयक भाषण प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों के साथ अतिथिगण।

डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय ने 04 अक्टूबर 2026 को “युवा शक्ति–विकसित भारत की शक्ति” विषयक भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया, जिसमें प्रतिभाशाली छात्रों ने अपनी वक्तृत्व कला से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रतियोगिता के विजेताओं के साथ उपस्थित अतिथियों ने इस कार्यक्रम को और भी गौरवपूर्ण बना दिया। इस लेख में हम इस कार्यक्रम की मुख्य झलकियों पर प्रकाश डालेंगे, जिसमें छात्रों की मेहनत, अतिथियों की प्रशंसा और युवा शक्ति के भविष्य की संभावनाओं को उजागर किया गया है।

विजेताओं का गौरवमय मंच

प्रतियोगिता के मंच पर चार प्रतिभागियों ने अपने भाषणों से न केवल शैक्षणिक मानदंडों को पार किया, बल्कि सामाजिक मुद्दों पर गहरी सोच भी प्रकट की। प्रथम पुरस्कार विजेता अर्जुन कुमार ने “सतत विकास और युवा की भूमिका” पर भाषण दिया, जिसमें उन्होंने भारत के भविष्य के लिए हरित ऊर्जा और शिक्षा को प्रमुख आधार बताया। दूसरे पुरस्कार के लिए साक्षी देवी ने “डिजिटल युग में नेतृत्व” पर अपनी दृष्टि प्रस्तुत की। तीसरे और चौथे पुरस्कार के विजेताओं ने क्रमशः “कला और संस्कृति के माध्यम से सामाजिक समरसता” तथा “स्वास्थ्य और पोषण” विषयों पर प्रभावी भाषण दिए। सभी विजेताओं को विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एवं अतिथियों द्वारा हार्दिक बधाई दी गई।

अतिथि-परिचय: प्रतिष्ठित व्यक्तित्व

इस कार्यक्रम में उपस्थिति दर्ज कराए अतिथि गोरखपुर विश्वविद्यालय के अध्यक्ष प्रोफेसर राजेश पांडेय, शिक्षा मंत्रालय के मंत्री श्रीमती रश्मि सिंह, और पूर्व मुख्यमंत्री श्री अमित कुमार थे। उन्होंने भाषण प्रतियोगिता के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि “युवा शक्ति ही देश की वास्तविक शक्ति है”। साथ ही, उन्होंने विजेताओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और उन्हें समाज में योगदान देने का आह्वान किया। अतिथियों के भाषणों ने छात्रों में आत्मविश्वास और प्रेरणा का संचार किया।

भाषण प्रतियोगिता के मुख्य आकर्षण

प्रतियोगिता का आयोजन उच्च गुणवत्ता के साथ किया गया। छात्रों को विषय चुनने की स्वतंत्रता दी गई, जिससे उनकी रचनात्मकता और शोध कौशल का प्रदर्शन हुआ। कार्यक्रम के दौरान दर्शकों को इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र में भाग लेने का मौका मिला, जिससे छात्रों के विचारों की गहराई और स्पष्टता का पता चला। इसके अलावा, विश्वविद्यालय ने इस कार्यक्रम के दौरान डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म का भी उपयोग किया, जिससे दूरस्थ दर्शक भी लाइव देख सके। विजेताओं को विश्वविद्यालय के शैक्षणिक पुरस्कार के साथ-साथ एक नकद इनाम और प्रमाणपत्र भी प्रदान किया गया।

भविष्य की दिशा: युवा शक्ति और विकास

इस कार्यक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया कि युवा वर्ग का सक्रिय भागीदारी समाज के विकास की कुंजी है। विश्वविद्यालय ने घोषणा की कि आगे भी ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिससे छात्रों को अपनी क्षमताओं को निखारने का अवसर मिलेगा। साथ ही, शिक्षकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ संवाद के माध्यम से छात्रों को व्यावहारिक अनुभव और रोजगार के अवसर प्रदान करने की योजना है। यह पहल युवाओं को नवाचार, उद्यमिता और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूक करेगी।

निष्कर्ष

डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय की “युवा शक्ति–विकसित भारत की शक्ति” भाषण प्रतियोगिता ने युवाओं की वक्तृत्व कला और सामाजिक चेतना को एक नई दिशा दी। विजेताओं की मेहनत, अतिथियों के प्रोत्साहन और विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता ने इस कार्यक्रम को एक प्रेरणादायक सफलता बना दिया। इस प्रकार, युवा शक्ति को सशक्त बनाने के लिए ऐसे मंचों की आवश्यकता है, जो न केवल प्रतिभा को पहचानें, बल्कि उसे समाज के लिए उपयोगी दिशा में मोड़ें।