केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने आज 4 अक्टूबर 2026 को अपनी नई पहल “विजन 2030: स्मार्ट रोड नेटवर्क” के तहत देश के सभी राजमार्गों पर उन्नत डिजिटल बुनियादी ढाँचे और पर्यावरण‑अनुकूल उपायों का समन्वित कार्यान्वयन शुरू करने की घोषणा की। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी, यातायात प्रवाह में सुधार, इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग सुविधा का विस्तार और कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को घटाकर हरित परिवहन को बढ़ावा देना है। इस पहल के तहत 2028 तक 10,000 से अधिक स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल, 5,000 इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन्स और 200 प्रमुख लॉजिस्टिक हब्स का निर्माण किया जाएगा।
स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन: AI से बढ़ेगी सड़क सुरक्षा
मंत्रालय ने बताया कि प्रत्येक राजमार्ग पर AI‑आधारित ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम लगाया जाएगा, जो रीयल‑टाइम में दुर्घटनाओं का पता लगाकर तुरंत पुलिस और आपातकालीन सेवाओं को सूचित करेगा। इस प्रणाली से दुर्घटना दर में 30% की कमी और रूट प्लानिंग में 20% की दक्षता की उम्मीद है।
इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग: हर राजमार्ग पर सुविधाजनक स्टेशन्स
विजन 2030 के अंतर्गत 5,000 नए चार्जिंग स्टेशन्स लगेंगे, जिनमें फास्ट‑चार्जिंग और सोलर‑पावर विकल्प शामिल होंगे। इससे इलेक्ट्रिक वाहनों की दूरी में 200 किलोमीटर का इजाफा होगा और पेट्रोल तथा डीजल पर निर्भरता घटेगी।
लॉजिस्टिक हब्स: सप्लाई चेन में तेज़ी और लागत में कटौती
राजमार्गों के साथ 200 लॉजिस्टिक हब्स बनाए जाएंगे, जो ट्रकिंग कंपनियों को तेज़ डॉकिंग, गोदाम और रूट ऑप्टिमाइज़ेशन सेवाएँ प्रदान करेंगे। इससे माल ढुलाई लागत में 15% की कमी और डिलीवरी समय में 25% की तेज़ी की आशा है।
पर्यावरणीय लाभ: CO2 उत्सर्जन में 20% की कमी
स्मार्ट ट्रैफिक और EV चार्जिंग के संयोजन से 2030 तक राष्ट्रीय CO2 उत्सर्जन में 20% की कमी का लक्ष्य है। इसके अलावा, हर राजमार्ग पर वृक्षारोपण और हरित पट्टियों की स्थापना से वायु गुणवत्ता में सुधार होगा।
निष्कर्ष
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की इस नई पहल से भारत का सड़क परिवहन क्षेत्र एक नया आयाम प्राप्त कर रहा है। स्मार्ट ट्रैफिक, इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग सुविधा और लॉजिस्टिक हब्स के माध्यम से यातायात प्रवाह में सुधार, दुर्घटनाओं में कमी और पर्यावरणीय लाभ मिलेंगे। यदि सभी हितधारक इस कार्यक्रम के साथ जुड़ें, तो 2030 तक भारत को एक सुरक्षित, कुशल और हरित सड़क नेटवर्क के साथ वैश्विक मानक पर खड़ा किया जा सकता है।


