खटीमा में आयोजित उत्तराखंड आदि रंगोत्सव महोत्सव-2026 में यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक पीसी ध्यानी सहित अन्य।

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खटीमा में आयोजित उत्तराखंड आदि रंगोत्सव महोत्सव-2026 में यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक पीसी ध्यानी सहित अन्य।

खटीमा में आयोजित उत्तराखंड आदि रंगोत्सव महोत्सव‑2026 ने इस प्रदेश के सांस्कृतिक परिदृश्य को एक नई ऊँचाई पर पहुँचाया। 5 अक्टूबर 2026 को इस कार्यक्रम ने उत्तराखंड की विविध परंपराओं, लोक संगीत, नृत्य और शिल्पकला को एक मंच पर इकट्ठा किया, जिससे दर्शकों को एक अनोखा अनुभव मिला। इस उत्सव में यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक पीसी ध्यानी सहित कई प्रमुख व्यक्तित्वों ने भाग लिया, जिससे इस कार्यक्रम को एक विशेष महत्व मिला।

रंगीन सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ उत्सव की शुरुआत

उत्सव की शुरुआत सुबह 10 बजे हुई, जब खटीमा के प्रमुख चौक पर एक रंगीन पिरोवा के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का प्रारंभ हुआ। यहाँ पर उत्तराखंड के विभिन्न जिलों के कलाकारों ने अपनी-अपनी लोकगीतों और नृत्यों के माध्यम से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पारंपरिक झांसी और कुश्ती के साथ-साथ आधुनिक पॉप संगीत के मिश्रण से यह कार्यक्रम एक नया अनुभव प्रस्तुत करता है। कार्यक्रम के दौरान एक विशेष पैनल चर्चा भी आयोजित की गई, जिसमें सांस्कृतिक संरक्षण और युवा सहभागिता पर चर्चा हुई।

यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक पीसी ध्यानी का विशेष स्वागत

उत्सव के मुख्य अतिथि के रूप में यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक पीसी ध्यानी ने कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने उद्घाटन करते हुए कहा, “इस प्रकार के कार्यक्रम हमें हमारे सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने का अवसर देते हैं। हमें गर्व है कि हम इस क्षेत्र में योगदान दे सकते हैं।” पीसी ध्यानी के स्वागत भाषण के बाद उन्होंने एक छोटा सा संगीत कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया, जिससे उपस्थित सभी लोग आनंदित हुए। उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम को एक औपचारिक और प्रेरणादायक स्वर दिया।

समुदायिक सहभागिता और पारंपरिक नृत्य के संगम

उत्सव के दौरान स्थानीय समुदायों ने अपने पारंपरिक नृत्य और शिल्पकला को प्रदर्शित किया। यहाँ पर चपाटी, कुम्भकर्णी और बासुका के नृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। शिल्पकारों ने अपने हस्तनिर्मित वस्त्र, मिट्टी के बर्तन और कढ़ाई के नमूने प्रदर्शित किए, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों वर्गों के बीच संवाद स्थापित हुआ। कार्यक्रम के अंत में एक सामूहिक नृत्य प्रदर्शन ने सभी प्रतिभागियों को एकजुट किया, जिससे सांस्कृतिक एकता की भावना को बढ़ावा मिला।

भविष्य की दिशा और सहयोग की नई योजनाएँ

उत्सव के समापन के बाद आयोजकों ने भविष्य में इसी तरह के कार्यक्रमों को और अधिक विस्तारित करने की योजनाओं पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि आगामी वर्ष में उत्तराखंड के अन्य जिलों को भी इस प्रकार के रंगोत्सव में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही, यूपीसीएल के साथ मिलकर शैक्षणिक संस्थानों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करने की भी योजना है, ताकि युवा पीढ़ी को सांस्कृतिक विरासत से जोड़ा जा सके।

निष्कर्ष

खटीमा में आयोजित उत्तराखंड आदि रंगोत्सव महोत्सव‑2026 ने न केवल सांस्कृतिक विविधता को उजागर किया, बल्कि समाज में एकजुटता और सामूहिक पहचान का संदेश भी दिया। पीसी ध्यानी और अन्य प्रमुख अतिथियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को एक नई ऊर्जा दी। इस प्रकार के कार्यक्रम हमें हमारी सांस्कृतिक धरोहर को पुनर्जीवित करने और भविष्य में इसे और अधिक सुदृढ़ बनाने का मार्ग दिखाते हैं।