गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब ने आज 05 अक्टूबर 2026 को एक विशेष साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में ‘चरण पादुका गीत खंड’ और ‘पियोम गीत अमृत’ के लोकार्पण की रीतियों का पालन किया गया, जिसमें अतिथियों, कवियों और पत्रकारों ने एक साथ मिलकर इस सांस्कृतिक कार्यक्रम को समृद्ध बनाया। यह आयोजन गोरखपुर के साहित्यिक परिदृश्य में एक नया अध्याय जोड़ता है, जहाँ परंपरा और नवाचार का संगम देखने को मिला।
साहित्यिक समागम का भव्य आरम्भ
समारोह का उद्घाटन प्रेस क्लब के प्रमुख अध्यक्ष ने किया, जिन्होंने अतिथियों और कवियों को हार्दिक स्वागत किया। कार्यक्रम की शुरुआत में एक सांगीतिक प्रस्तुति के साथ ही ‘चरण पादुका गीत खंड’ के पांडुलिपि का खुलासा हुआ। इस खंड में चरण पादुका के प्रसिद्ध गीतों का संकलन है, जो ग्रामीण जीवन के सच्चे भावों को दर्शाते हैं।
चरण पादुका गीत खंड: परंपरा का नया अध्याय
चरण पादुका के गीतों को इस खंड में संजोने का निर्णय क्लब के वरिष्ठ सदस्यों ने लिया। खंड का प्रकाशन करते समय, एक सम्मानित कवि ने बताया कि कैसे पादुका के गीत ग्रामीण जीवन के संघर्ष और प्रेम को सरल शब्दों में बयां करते हैं। यह खंड न केवल साहित्यिक दृष्टि से समृद्ध है, बल्कि इसमें ग्रामीण संस्कृति की आत्मा भी समाहित है।
पियोम गीत अमृत: युवा आवाज़ों का संगम
दूसरे लोकार्पण के दौरान ‘पियोम गीत अमृत’ का परिचय कराया गया। यह संग्रह युवा कवियों की ताज़ा और ऊर्जा से भरी रचनाओं का समुच्चय है। कार्यक्रम में भाग लेने वाले युवा कवियों ने अपनी कविताएँ प्रस्तुत कीं, जिनमें सामाजिक मुद्दे, प्रेम और प्रकृति के प्रति प्रेम झलकता है। ‘पियोम गीत अमृत’ के माध्यम से युवा साहित्यिक समुदाय को मंच मिला, जहाँ वे अपनी रचनात्मकता को प्रकट कर सके।
अतिथियों व कवियों ने साझा की प्रेरणादायक बातें
अतिथियों में प्रतिष्ठित साहित्यकार, पत्रकार और समाजसेवक शामिल थे। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान अपनी दृष्टि साझा की, जिसमें साहित्य और पत्रकारिता के बीच गहरे संबंध पर प्रकाश डाला गया। कवियों ने भी अपने अनुभवों और लेखन के प्रेरक स्रोतों के बारे में बात की। इस संवाद से स्पष्ट हुआ कि साहित्य केवल शब्दों का खेल नहीं, बल्कि समाज को बदलने का एक शक्तिशाली माध्यम है।
निष्कर्ष
गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब का यह कार्यक्रम न केवल साहित्यिक समृद्धि का प्रतीक है, बल्कि यह दर्शाता है कि कैसे परंपरा और नवाचार एक साथ मिलकर समाज को प्रेरित करते हैं। ‘चरण पादुका गीत खंड’ और ‘पियोम गीत अमृत’ के लोकार्पण से गोरखपुर के साहित्यिक इतिहास में एक नया पृष्ठ खुला है। यह आयोजन सभी साहित्य प्रेमियों के लिए एक प्रेरणादायक अनुभव रहा, और आने वाले वर्षों में इस प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से साहित्य और पत्रकारिता के बीच और भी मजबूत संबंध स्थापित होने की आशा है।


