मुख्यमंत्री द्वारा डॉ. मेघनाद साहा की जयंती पर दी श्रद्धांजलि

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मुख्यमंत्री द्वारा डॉ. मेघनाद साहा की जयंती पर दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री द्वारा डॉ. मेघनाद साहा की जयंती पर दी श्रद्धांजलि

रायपुर, 06 अक्टूबर 2026 – आज ओडिशा के मुख्यमंत्री, डॉ. नवेण पाटिल ने डॉ. मेघनाद साहा की 123वीं जन्मजयंती के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम में श्रद्धांजलि अर्पित की। इस कार्यक्रम में विज्ञान के क्षेत्र में साहा के अतुलनीय योगदान को याद किया गया और राज्य सरकार की विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान के प्रति प्रतिबद्धता को पुनः दृढ़ किया गया।

मुख्यमंत्री ने डॉ. मेघनाद साहा को दिया सम्मानित श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री ने पुखराज में आयोजित समारोह में डॉ. साहा के कार्यों के बारे में भावपूर्ण भाषण दिया। उन्होंने कहा, “डॉ. साहा की खोजों ने न सिर्फ भारतीय विज्ञान को विश्व स्तर पर मान्यता दिलाई, बल्कि हमारे युवा वैज्ञानिकों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहे हैं।” कार्यक्रम में ध्वज फहराया गया, राष्ट्रीय गान गाया गया और पुखराज के एक प्रतिष्ठित विद्यालय के छात्रों ने साहा के कार्यों पर निबंध प्रस्तुत किए।

साहा की विज्ञान यात्रा और उनके प्रमुख योगदान

डॉ. मेघनाद साहा, जो 1903 में पुखराज के एक छोटे से गाँव में जन्मे, ने अपनी शिक्षा के दौरान ही खगोल भौतिकी के क्षेत्र में गहरी रुचि दिखाई। उन्होंने 1929 में ‘साहा समीकरण’ (Saha Ionization Equation) की खोज की, जिसने तारों के अंदर होने वाली आयनीकरण प्रक्रिया को समझाने में क्रांतिकारी बदलाव लाया। इस समीकरण ने न केवल खगोल विज्ञान में, बल्कि रासायनिक भौतिकी में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1956 में उनका निधन हुआ, पर उनका वैज्ञानिक वारसा आज भी जीवित है।

समारोह का माहौल, प्रमुख अतिथियों और कार्यक्रम में

समारोह में ओडिशा के विज्ञान मंत्री, खगोलशास्त्री डॉ. पवन सिंह, और पुखराज के प्रमुख शिक्षकों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत में एक संक्षिप्त फिल्म प्रदर्शित की गई, जिसमें डॉ. साहा के जीवन के महत्वपूर्ण क्षण दिखाए गए। इसके बाद, एक पैनल चर्चा में ‘डॉ. साहा की खोजों का भविष्य विज्ञान पर प्रभाव’ पर बहस हुई। शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान, पुखराज के छात्रों ने ‘साहा गीत’ प्रस्तुत किया, जो युवा पीढ़ी की प्रेरणा को दर्शाता है।

राज्य सरकार की विज्ञान शिक्षा के लिए नई योजनाएँ

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि ओडिशा सरकार ‘साहा विज्ञान पहल’ के अंतर्गत 2026-27 में 50 नए विज्ञान प्रयोगशालाएँ स्थापित करेगी। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को आधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों से परिचित कराना और उन्हें शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना है। इसके अलावा, ‘साहा विज्ञान फेलोशिप’ के माध्यम से 10 युवा वैज्ञानिकों को अंतरराष्ट्रीय शोध परियोजनाओं में भाग लेने का अवसर मिलेगा।

निष्कर्ष

डॉ. मेघनाद साहा की जयंती पर मुख्यमंत्री द्वारा दी गई श्रद्धांजलि ने न केवल उनके वैज्ञानिक योगदान को सम्मानित किया, बल्कि ओडिशा के विज्ञान शिक्षा के भविष्य के लिए एक स्पष्ट दिशा भी तय की। यह कार्यक्रम दर्शाता है कि कैसे एक महान वैज्ञानिक की स्मृति को जीवित रखने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित किया जा सकता है। डॉ. साहा के कार्यों ने यह सिखाया कि वैज्ञानिक खोजों में दृढ़ता और जिज्ञासा का संगम ही प्रगति का मार्ग प्रशस्त करता है। उनके 123वें जन्मदिन पर यह श्रद्धांजलि हमें यह याद दिलाती है कि विज्ञान के प्रति समर्पण और समाज की भलाई के लिए उसकी सेवा अनिवार्य है।