विकसित भारत संकल्प सभा में मशाल जलाते पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, सांसद विद्युत वर्णन महतो सहित अन्य

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विकसित भारत संकल्प सभा में मशाल जलाते पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, सांसद विद्युत वर्णन महतो सहित अन्य

परिवर्तित भारत की नई दिशा को रौशन करते हुए 7 अक्टूबर 2026 को विकसित भारत संकल्प सभा का आयोजन हुआ। इस भव्य कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मशाल जलाकर राष्ट्रीय विकास के नए अध्याय की शुरुआत की, जबकि सांसद विद्युत वर्णन महतो और अन्य प्रमुख नेताओं ने भी अपने भाषणों के जरिए इस पथ पर गहरी प्रतिबद्धता जताई। सभा का मुख्य उद्देश्य युवा, उद्योग और सामाजिक कल्याण को जोड़ते हुए एक समग्र विकास मॉडल प्रस्तुत करना था, जिसे सभी ने उत्साहपूर्वक स्वीकार किया।

रघुवर दास ने मशाल से उजागर किया विकास का नया संकल्प

पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने अपनी मशाल जलाने के बाद भाषण में बताया कि कैसे भारत को अब डिजिटल, हरित और समावेशी विकास के तीन स्तंभों पर खड़ा होना चाहिए। उन्होंने युवाओं को नवाचार और उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित किया तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की तात्कालिक आवश्यकता पर बल दिया। दास की यह घोषणा सभी उपस्थित लोगों में प्रेरणा का संचार करती रही।

विद्युत वर्णन महतो ने जोर दिया सामाजिक न्याय और समावेशिता पर

संसद सदस्य विद्युत वर्णन महतो ने भाषण के दौरान सामाजिक न्याय, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाने की अपील की। उन्होंने बताया कि कैसे सरकार के नवीन योजनाएँ गरीबों और पिछड़े वर्गों के लिए अवसरों को बढ़ा सकती हैं। महतो के विचारों ने दर्शकों में सहमति और समर्थन की लहर पैदा कर दी।

उद्योग और युवा को जोड़ते हुए नए रोजगार सृजन के प्रस्ताव

इस कार्यक्रम के दौरान कई उद्योगपतियों ने भी अपनी भागीदारी दिखाई। उन्होंने स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने और युवाओं के लिए नई नौकरियों के सृजन हेतु सार्वजनिक-निजी साझेदारी की आवश्यकता पर बल दिया। इन प्रस्तावों ने दिखाया कि विकास केवल नीति ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक कार्यान्वयन पर भी निर्भर है।

समापन में राष्ट्रीय एकजुटता और भविष्य की ओर कदम

सभा के समापन पर सभी ने मिलकर एकजुटता का जश्न मनाया। रघुवर दास ने फिर से मशाल जलाते हुए यह संदेश दिया कि विकास का मार्ग केवल सरकार के हाथों में नहीं, बल्कि नागरिकों के सक्रिय योगदान से ही संभव है। इस प्रेरणादायक सभा ने भारत के भविष्य के प्रति आशा और दृढ़ संकल्प को नया रूप दिया।

निष्कर्ष

विकसित भारत संकल्प सभा ने यह स्पष्ट कर दिया कि राष्ट्र का विकास केवल आर्थिक आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय पहलुओं को भी समाहित करना चाहिए। रघुवर दास और विद्युत वर्णन महतो जैसे नेताओं की भागीदारी ने इस बात की पुष्टि की कि राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक सभी क्षेत्र मिलकर एक समृद्ध भारत की ओर अग्रसर हो सकते हैं। इस कार्यक्रम के माध्यम से सभी ने यह संकल्प लिया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में परिवर्तन लाकर देश को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएँगे।