एमपी टूरिज्म, मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 का दूसरा दिन 8 अक्टूबर 2026 को भड़की हुई ऊर्जा और नई उम्मीदों के साथ जारी रहा। इस वर्ष के ट्रैवल मार्ट ने अपनी पहली बैठक के बाद और भी अधिक आकर्षण और नवाचार को प्रदर्शित करते हुए पर्यटन उद्योग के हितधारकों, निवेशकों और यात्रियों को एक मंच पर एकत्रित किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश के समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, प्राकृतिक सौंदर्य और सतत पर्यटन नीतियों को उजागर करना तथा क्षेत्रीय पर्यटन को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रोत्साहित करना था। इस दिन की मुख्य झलकियों में विश्वसनीय पर्यटन उत्पादों का प्रदर्शन, उद्योग के प्रमुख व्यक्तियों के साथ संवाद, और भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा शामिल थी।
आकर्षक प्रदर्शनियों में नया अनुभव
दूसरे दिन की शुरुआत एक भव्य प्रदर्शनी के साथ हुई, जहाँ 30 से अधिक पर्यटन उत्पादों और पॅकेजों का परिचय कराया गया। विशेष रूप से ‘हरित पर्यटन’ और ‘इको-टूरिज्म’ पर केन्द्रित स्टॉल ने पर्यटकों की रुचि बढ़ाई। ‘सांस्कृतिक विरासत मार्ग’ और ‘ऐतिहासिक स्थल पॅकेज’ को विशेष रूप से हाइलाइट किया गया, जिससे दर्शकों को मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक शहरों और प्राचीन मंदिरों की यात्रा का अनुभव हुआ।
स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने वाली पहल
मध्य प्रदेश सरकार ने स्थानीय समुदायों के लिए ‘कौशल विकास’ कार्यक्रमों की घोषणा की, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। ‘स्मॉल टूरिज्म डेवलपमेंट फंड’ की शुरुआत ने छोटे-छोटे होटलों और गेस्टहाउसों को वित्तीय सहायता प्रदान करने का वादा किया। इस पहल के तहत ‘सांस्कृतिक कार्यक्रमों’ और ‘लोकल फूड टूर’ को भी बढ़ावा दिया गया, जिससे स्थानीय कलाकारों और शेफ को नया मंच मिला।
उद्योग विशेषज्ञों के साथ संवाद
उद्योग के प्रमुख विशेषज्ञों ने ‘सतत पर्यटन’ और ‘डिजिटल मार्केटिंग’ पर सेमिनार का आयोजन किया। ‘ट्रैवल टेक्नोलॉजी’ और ‘एआई आधारित टूर गाइड’ पर चर्चा ने प्रतिभागियों को भविष्य के पर्यटन प्रवृत्तियों के प्रति जागरूक किया। ‘इन्फ्रास्ट्रक्चर सुधार’ पर एक पैनल चर्चा में राजस्व मंत्रालय के अधिकारी और निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने मिलकर समाधान सुझाए।
भविष्य की दिशा और योजनाएँ
कार्यक्रम के समापन सत्र में ‘मध्य प्रदेश 2030 विज़न’ की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। ‘इको-फ्रेंडली ट्रैवल’ और ‘डिजिटल ट्रैवल प्लेटफ़ॉर्म’ को प्रमुख प्राथमिकता के रूप में चुना गया। सरकार ने ‘स्मार्ट टूरिज्म’ के लिए ‘बिग डेटा’ और ‘जियो-टैगिंग’ का उपयोग करने का प्रस्ताव रखा, जिससे यात्रियों को व्यक्तिगत अनुभव मिल सके।
निष्कर्ष
एमपी टूरिज्म, मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 के दूसरे दिन ने यह स्पष्ट कर दिया कि मध्य प्रदेश पर्यटन उद्योग में नई ऊर्जा, नवाचार और समावेशिता की दिशा में अग्रसर है। सरकारी नीतियों, निजी निवेश, और स्थानीय समुदायों के बीच समन्वय से यह स्पष्ट होता है कि मध्य प्रदेश को ‘सतत पर्यटन’ और ‘सांस्कृतिक संरक्षण’ के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाने का लक्ष्य है। इस कार्यक्रम ने न केवल स्थानीय पर्यटन को प्रोत्साहित किया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए भी मध्य प्रदेश को एक अनूठा और आकर्षक गंतव्य बनाते हुए नई संभावनाएँ खोल दीं।


