सभा को संबोधित करते कृषि मंत्री

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सभा को संबोधित करते कृषि मंत्री

किसानों की गरिमा और उत्पादन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कृषि मंत्री ने 09 अक्टूबर 2026 को राज्य की विधानसभा में एक भावपूर्ण संबोधन दिया। यह संबोधन न केवल नीति-निर्देशों का परिचय था, बल्कि किसानों के लिए नई आशा की किरण भी थी। मंत्री ने किसानों की वास्तविक समस्याओं पर प्रकाश डालते हुए, उन्हें आश्वासन दिया कि सरकार उनके साथ खड़ी है और भविष्य के लिए ठोस योजनाएँ तैयार हैं।

किसानों की चिंताओं पर कृषि मंत्री की स्पष्ट दलील

मंत्री ने सबसे पहले किसानों के सामने खड़ी प्रमुख चुनौतियों—जैसे कि पानी की कमी, अनियमित मौसम, और बाजार की अनिश्चितता—पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि सरकार ने जल संरक्षण और सिंचाई के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश किया है। साथ ही, कृषि ऋण की ब्याज दरों में कटौती और फसल बीमा योजनाओं के विस्तार से किसानों का बोझ हल्का किया जा रहा है। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि किसान समिति और ग्रामीण पंचायतों के साथ मिलकर नीति निर्माण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया जाएगा।

नयी नीतियाँ: जल संरक्षण और अनाज भंडारण पर जोर

मंत्री ने जल संचयन के लिए नई योजनाओं का परिचय दिया, जिसमें वर्षा जल संचयन, बाढ़ प्रबंधन, और पर्ज प्रबंधन के लिए विशेष प्रोत्साहन शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, अनाज भंडारण सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने 15 करोड़ रुपये की नई पूंजी निवेश की घोषणा की। इस पहल से किसानों को फसल के बाद मूल्य गिरावट से बचाया जा सकेगा और बाजार में स्थिरता आएगी। मंत्री ने यह भी बताया कि अनाज भंडारण के दौरान नमी नियंत्रण और तापमान मॉनिटरिंग के लिए डिजिटल उपकरणों का उपयोग किया जाएगा।

तकनीकी सहायता और डिजिटल मंचों से किसानों का सशक्तिकरण

कृषि मंत्री ने डिजिटल कृषि के महत्व पर जोर देते हुए, किसानों को मोबाइल एप्लिकेशन और ऑनलाइन प्लेटफार्मों के माध्यम से कृषि ज्ञान, मौसम पूर्वानुमान, और बाजार दरों तक पहुँचाने की योजना बताई। इसके अलावा, कृषि विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों के साथ साझेदारी से नई किस्में और उन्नत खेती तकनीकों को अपनाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किये जाएंगे। मंत्री ने यह भी कहा कि किसानों के लिए डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने हेतु ग्रामीण क्षेत्रों में मुफ्त इंटरनेट कनेक्शन और कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किये जाएँगे।

आर्थिक प्रोत्साहन: सब्सिडी और ऋण सुविधाओं में सुधार

मंत्री ने किसानों के लिए सब्सिडी योजनाओं में सुधार की घोषणा की, जिसमें बीज, उर्वरक, और कृषि उपकरणों पर 15% तक की अतिरिक्त छूट शामिल है। ऋण सुविधाओं के लिए, बैंकिंग संस्थानों के साथ साझेदारी के माध्यम से ब्याज दरों में 2% की कटौती की जाएगी। इसके अलावा, किसानों के लिए विशेष प्रोत्साहन योजना के तहत, हर वर्ष 10% की वार्षिक वृद्धि के साथ अनुदान दिया जाएगा, जिससे वे अपने कृषि उद्यमों को विस्तारित कर सकें।

निष्कर्ष

अधिवेशन के दौरान कृषि मंत्री का यह संबोधन न केवल नीति की रूपरेखा प्रस्तुत करता है, बल्कि किसानों के लिए आशा और विश्वास की नई दिशा भी दिखाता है। जल संरक्षण, तकनीकी सशक्तिकरण, और आर्थिक प्रोत्साहन के माध्यम से सरकार ने कृषि क्षेत्र को अधिक समृद्ध और स्थायी बनाने का संकल्प लिया है। भविष्य में, इन पहलों के सफल कार्यान्वयन से किसानों की आय में वृद्धि और ग्रामीण विकास की दिशा में एक ठोस कदम आगे बढ़ेगा।