पिंडदान करते अंत्योदय संस्था के संयोजक पारसद और पूर्व पत्रकार प्रवीण सेठी

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पिंडदान करते अंत्योदय संस्था के संयोजक पारसद और पूर्व पत्रकार प्रवीण सेठी

पिंडदान करते अंत्योदय संस्था के संयोजक पारसद और पूर्व पत्रकार प्रवीण सेठी ने आज एक विशेष कार्यक्रम के माध्यम से समाज में पवित्र परंपराओं और सामाजिक सेवा के महत्व को उजागर किया। इस कार्यक्रम का आयोजन 10 अक्टूबर 2026 को हुआ, जिसमें धर्म, समाज और मीडिया के दो प्रमुख व्यक्तित्व एक साथ आए और पिंडदान के आध्यात्मिक एवं मानवतावादी आयामों पर प्रकाश डाला। दोनों ही व्यक्तित्व अपने-अपने क्षेत्र में प्रतिष्ठित हैं, और उनके मिलन से इस आयोजन को एक नई ऊर्जा और महत्व मिला।

पिंडदान की पवित्र परंपरा में नई रोशनी

पिंडदान एक प्राचीन भारतीय परंपरा है जो आत्मा की मुक्ति और परिवार की भलाई के लिए की जाती है। इस कार्यक्रम में पारसद ने पिंडदान के महत्व को धर्मग्रंथों के उद्धरणों के साथ समझाया और बताया कि कैसे यह परंपरा आज के समय में भी प्रासंगिक है। उन्होंने पिंडदान की प्रक्रिया, उसके अनुष्ठानिक चरणों और मनोवैज्ञानिक लाभों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान पिंडदान के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए पवित्र जल और तिलक से सभी प्रतिभागियों को आध्यात्मिक अनुभव हुआ।

अंत्योदय संस्था के संयोजक पारसद का योगदान

पारसद, जो कि अंत्योदय संस्था के संयोजक हैं, ने अपने जीवन में समाज के लिए अनेक कार्य किये हैं। उन्होंने संस्था के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में कई परियोजनाएँ शुरू कीं। इस कार्यक्रम में उन्होंने पिंडदान के साथ-साथ समाज में जागरूकता फैलाने के लिए एक नया अभियान भी शुरू किया। पारसद ने कहा कि पिंडदान के साथ समाज में दया और सहानुभूति की भावना को बढ़ावा देना उनका मुख्य उद्देश्य है।

पूर्व पत्रकार प्रवीण सेठी की प्रेरणादायक कहानी

पूर्व पत्रकार प्रवीण सेठी ने अपनी पत्रकारिता की यात्रा में समाज के निचले स्तर के लोगों की कहानियों को उजागर किया। वह अब पिंडदान के माध्यम से समाज में आध्यात्मिकता और मानवता को बढ़ावा देने का कार्य कर रहे हैं। कार्यक्रम में उन्होंने अपनी पत्रकारिता के अनुभव से बताया कि कैसे मीडिया के जरिए समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने पिंडदान के दौरान अपने दर्शकों को यह संदेश दिया कि हर व्यक्ति अपनी छोटी-छोटी क्रिया से समाज को बेहतर बना सकता है।

सामाजिक जागरूकता और भविष्य की दिशा

इस कार्यक्रम ने समाज में पिंडदान के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाई। पारसद और प्रवीण सेठी ने मिलकर एक नई पहल की घोषणा की, जिसमें पिंडदान के साथ-साथ समाज में स्वच्छता, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए एक संयुक्त अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने युवाओं को भी इस पहल में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया, ताकि पिंडदान की परंपरा को आधुनिक समाज में भी जीवित रखा जा सके।

निष्कर्ष

पिंडदान करते अंत्योदय संस्था के संयोजक पारसद और पूर्व पत्रकार प्रवीण सेठी का यह कार्यक्रम एक प्रेरणादायक उदाहरण है कि कैसे परंपरा और आधुनिकता एक साथ मिलकर समाज को बेहतर बना सकती हैं। पिंडदान के माध्यम से आध्यात्मिक शांति के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी जागृत हुई। इस कार्यक्रम ने यह दिखाया कि पवित्र परंपराओं को समकालीन समाज में भी उतना ही महत्व दिया जा सकता है जितना कि आज के समय में समाज को इसकी आवश्यकता है।