Pradeep Bhandari file photo

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Pradeep Bhandari file photo

13 अक्टूबर 2026 को, भारतीय पर्यावरण कार्यकर्ता प्रदीप भंडारी ने अपनी नवीनतम फ़ाइल फ़ोटो जारी की, जिसने देशभर में चर्चा का विषय बना। इस फ़ोटो में वह अपने पृष्ठभूमि के रूप में ऊँचे हिमालयी पहाड़ों के बीच खड़े दिखाई देते हैं, जहाँ वह अपने कार्य के प्रति समर्पण और प्रकृति के प्रति प्रेम का प्रतीक हैं। फ़ोटो के साथ ही एक विशेष संदेश भी जारी किया गया, जिसमें भंडारी ने बताया कि यह फ़ोटो “जागरूकता अभियान” का नया अध्याय है, जिसका उद्देश्य युवा वर्ग को पर्यावरणीय संरक्षण के प्रति प्रेरित करना है। यह कदम उनके द्वारा चलाए जा रहे ‘हिरा-हरा भारत’ प्रोजेक्ट के अंतर्गत आता है, जिसे उन्होंने 2015 में शुरू किया था।

फ़ोटो रिलीज: पर्यावरण जागरूकता अभियान का नया अध्याय

फ़ोटो को सोशल मीडिया पर अपलोड करते ही लाखों लाइक्स और शेयर हुए। भंडारी ने इस फ़ोटो को “सभी के लिए एक संदेश” बताया, जहाँ वह अपने हाथों में एक पत्ती लेकर खड़े हैं, जो प्रकृति की नाजुकता का प्रतीक है। फ़ोटो के साथ एक वीडियो क्लिप भी जुड़ा है, जिसमें उन्होंने बताया कि हर एक पत्ती के पीछे एक कहानी है। इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता फैलाना है।

प्रदीप भंडारी: प्रकृति के संरक्षक की कहानी

प्रदीप भंडारी का जन्म 1972 में उत्तराखंड के एक छोटे से गाँव में हुआ। बचपन से ही उन्होंने प्रकृति के प्रति गहरी लगाव दिखाया और 1995 में उन्होंने ‘ग्रीन किड्स’ नामक एक युवा समूह की स्थापना की। इस समूह ने पहाड़ों पर वृक्षारोपण, जल संरक्षण और जैव विविधता के संरक्षण पर काम किया। 2010 में उन्हें ‘राष्ट्रीय पर्यावरण पुरस्कार’ से नवाज़ा गया, जो उनके कार्यों का प्रमाण है।

रिलीज़ के पीछे की रणनीति और सामाजिक प्रभाव

फ़ोटो रिलीज़ के पीछे एक सूक्ष्म रणनीति है। भंडारी ने अपने फ़ॉलोअर्स के साथ एक ‘फोटो चैलेंज’ भी शुरू किया, जहाँ लोगों को अपनी स्वयं की प्रकृति से जुड़ी तस्वीरें साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इस पहल से 5,00,000 से अधिक तस्वीरें मिलीं, जिनमें से 80 प्रतिशत ग्रामीण इलाकों से थीं। इस अभियान से सामाजिक नेटवर्क पर ‘ग्रीन हैशटैग’ को 10 लाख बार से अधिक उपयोग किया गया, जिससे पर्यावरणीय विषय पर चर्चा को बढ़ावा मिला।

आगामी योजनाएँ: जलवायु परिवर्तन से लड़ने के कदम

भंडारी ने भविष्य की योजनाओं के बारे में भी बताया। वे ‘हरित ऊर्जा केंद्र’ की स्थापना की योजना बना रहे हैं, जहाँ सौर और पवन ऊर्जा का उपयोग करके ग्रामीण इलाकों को स्वच्छ ऊर्जा प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, वे ‘जैव विविधता संरक्षण कार्यशाला’ का आयोजन भी कर रहे हैं, जहाँ युवाओं को पौधों और जीवों के संरक्षण के तरीकों के बारे में शिक्षित किया जाएगा।

निष्कर्ष

प्रदीप भंडारी की फ़ाइल फ़ोटो सिर्फ एक दृश्य प्रस्तुति नहीं है, बल्कि यह एक संदेश है कि हर व्यक्ति प्रकृति के संरक्षण में भूमिका निभा सकता है। इस फ़ोटो के माध्यम से उन्होंने युवा पीढ़ी को जागरूक किया और एक नया अभियान शुरू किया, जो जलवायु परिवर्तन के प्रति समाज को एकजुट करने का प्रयास कर रहा है। भविष्य में उनके योजनाएँ और भी व्यापक होंगी, जिससे भारत को एक हरित और सतत भविष्य की ओर अग्रसर किया जा सकेगा।