एन. चंद्रशेखरन ने 13 अक्टूबर 2026 को ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम 2026 के मंच पर अपनी गहरी दृष्टि और नवाचारी सोच के साथ उपस्थित सभी लोगों को प्रेरित किया। इस भव्य कार्यक्रम में उन्होंने भारत की आर्थिक नीतियों, डिजिटल परिवर्तन, और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के बीच संतुलन बनाने के महत्व पर प्रकाश डाला। चंद्रशेखरन ने बताया कि कैसे नवाचार और सतत विकास को एक साथ जोड़कर ही भारत को वैश्विक आर्थिक मानचित्र पर ऊँचाई पर पहुँचाया जा सकता है।
भविष्य के लिए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण
चंद्रशेखरन ने बताया कि डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती से ही भारत को डिजिटल इंडिया के लक्ष्य को साकार करने में मदद मिलेगी। उन्होंने 5G, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और क्लाउड कंप्यूटिंग के समेकन के माध्यम से उद्योगों को नई ऊँचाइयाँ देने की बात कही। साथ ही, साइबर सुरक्षा और डेटा प्राइवेसी पर विशेष जोर देते हुए कहा कि डिजिटल समृद्धि के लिए सुरक्षा ढाँचे को भी मजबूत किया जाना चाहिए।
हरित ऊर्जा और सतत विकास का संगम
फोरम के दौरान, उन्होंने हरित ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश के महत्व पर बल दिया। पवन, सौर और जल ऊर्जा के संयोजन से भारत को ऊर्जा स्वतंत्रता प्राप्त होगी। चंद्रशेखरन ने बताया कि सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को प्राप्त करने के लिए हरित उद्योगों को प्राथमिकता देना आवश्यक है, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और पर्यावरणीय संतुलन बना रहेगा।
शिक्षा और कौशल विकास की नई दिशा
चंद्रशेखरन ने शिक्षा के क्षेत्र में तकनीकी नवाचार को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म और ब्लॉकचेन आधारित प्रमाणपत्र प्रणाली से शिक्षा की गुणवत्ता और पहुँच दोनों में सुधार हो सकता है। साथ ही, कौशल विकास के लिए उद्यमियों और सरकार के बीच साझेदारी को बढ़ावा देने का प्रस्ताव रखा, ताकि युवा पीढ़ी वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बन सके।
वैश्विक साझेदारी और बहुपक्षीय सहयोग
वक्ता ने बताया कि भारत को वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका को सुदृढ़ करने के लिए बहुपक्षीय सहयोग और रणनीतिक साझेदारियों की आवश्यकता है। उन्होंने एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC), G20 और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों में सक्रिय भागीदारी की महत्ता पर प्रकाश डाला। चंद्रशेखरन ने कहा कि व्यापार, निवेश और तकनीकी विनिमय के माध्यम से भारत को आर्थिक समृद्धि के नए आयाम मिलेंगे।
निष्कर्ष
एन. चंद्रशेखरन का यह संबोधन ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम 2026 को एक नई दिशा देने वाला रहा। उन्होंने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, हरित ऊर्जा, शिक्षा, और वैश्विक सहयोग के माध्यम से भारत के भविष्य को उज्ज्वल बनाने की रणनीति प्रस्तुत की। उनका संदेश स्पष्ट था कि नवाचार, सतत विकास और साझेदारी – ये चार स्तम्भ हैं जिन पर भारत को आगे बढ़ना है। इस प्रेरणादायक संबोधन ने उपस्थित सभी को यह विश्वास दिलाया कि सही नीतियों और सहयोग से भारत वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में अग्रणी भूमिका निभा सकता है।


