किसानों की भलाई के लिए लगातार प्रयासरत असम के कृषि एवं सिंचाई मंत्री पिजूष हज़ारिका ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में राज्य के प्रमुख कृषि अधिकारी, सिंचाई विभाग के प्रमुख, तथा कई जिलों के प्रमुख किसान संघों के प्रतिनिधियों को बुलाया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य असम के कृषि क्षेत्र में चल रही चुनौतियों पर चर्चा करना और नई योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए एक स्पष्ट मार्गदर्शिका तैयार करना था। मंत्री ने इस अवसर पर किसानों की समस्याओं को सुलझाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई तथा कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए नवीन नीतियों की घोषणा की।
किसानों की समस्याओं पर केंद्रित चर्चा
बैठक के पहले सत्र में मंत्री पिजूष हज़ारिका ने किसानों द्वारा सामना की जा रही प्रमुख समस्याओं पर चर्चा की। इनमें उर्वरक की बढ़ती कीमतें, फसल बीमारियों का प्रकोप, और बाजार में कीमतों का अस्थिर होना शामिल थे। मंत्री ने किसानों को प्रोत्साहित किया कि वे नई कृषि तकनीकों को अपनाएँ और साथ ही सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठाएँ। बैठक में किसानों के लिए एक विशेष सहायता पैनल की स्थापना का भी प्रस्ताव रखा गया, जिससे वे सीधे अपने मुद्दों का समाधान प्राप्त कर सकें।
नवीन सिंचाई योजनाओं का अनावरण
मंत्री ने बैठक के दौरान असम में चल रही नई सिंचाई परियोजनाओं की घोषणा की। इन परियोजनाओं का उद्देश्य जल संसाधनों का कुशल उपयोग सुनिश्चित करना और कृषि भूमि को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना है। विशेष रूप से, ‘सतत जल प्रबंधन कार्यक्रम’ के तहत छोटे-छोटे सिंचाई संयंत्रों और ड्रिप इरिगेशन सिस्टम के निर्माण की योजना बनाई गई है। मंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम किसानों को पानी की बचत में मदद करेगा और फसल उत्पादन को बढ़ाएगा। साथ ही, सरकार किसानों को इन नई प्रणालियों को अपनाने के लिए सब्सिडी भी उपलब्ध कराएगी।
सतत कृषि के लिए नई पहल
बैठक में सतत कृषि को बढ़ावा देने के लिए नई पहल पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने बताया कि असम सरकार ‘ग्रीन फ़ार्मिंग’ कार्यक्रम के तहत जैविक उर्वरकों और कीटनाशकों के प्रयोग को बढ़ावा देगी। इसके अलावा, किसानों को फसल चक्रीकरण और मिट्टी संरक्षण की नई तकनीकें सिखाने के लिए प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन पहलों से कृषि उत्पादन में स्थिरता आएगी और पर्यावरण संरक्षण भी सुनिश्चित होगा। मंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम किसानों को आर्थिक रूप से भी सशक्त बनाएगा।
सहयोग और समर्थन के नए मार्ग
अंतिम सत्र में मंत्री ने कृषि क्षेत्र में सहयोग और समर्थन के नए मार्गों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सरकार ने किसानों के लिए एक ‘एक-स्टॉप सहायता केंद्र’ स्थापित किया है, जहाँ वे सब्सिडी, बीमा, और तकनीकी सहायता एक ही जगह से प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, मंत्री ने राज्य सरकार और निजी क्षेत्र के बीच साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए ‘कृषि-उद्योग सहयोग योजना’ की शुरुआत का प्रस्ताव रखा। इस योजना के तहत निजी कंपनियाँ किसानों को बेहतर मूल्य पर फसल खरीदेंगी और उन्हें बाजार तक पहुँचाने में मदद करेंगी।
निष्कर्ष
पिजूष हज़ारिका की इस बैठक ने असम के कृषि क्षेत्र में नई ऊर्जा और दिशा प्रदान की है। मंत्री की प्रतिबद्धता, नई सिंचाई योजनाओं, सतत कृषि पहल, और सहयोग के नए मार्गों से यह स्पष्ट है कि असम सरकार किसानों के हित में सक्रिय रूप से काम कर रही है। इन प्रयासों से न केवल किसानों की आजीविका सुधरेगी, बल्कि असम की कृषि अर्थव्यवस्था भी अधिक सुदृढ़ और प्रतिस्पर्धी बन सकेगी।


