मंत्री सिलावट एवं मंत्री कुशवाह ने अम्बेडकर धाम निर्माण कार्य का किया निरीक्षण

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मंत्री सिलावट एवं मंत्री कुशवाह ने अम्बेडकर धाम निर्माण कार्य का किया निरीक्षण

मंत्री सिलावट एवं मंत्री कुशवाह ने 14 अक्टूबर 2026 को अम्बेडकर धाम के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। यह धाम समाज की समरसता और समावेशिता का प्रतीक है, जिसे आज़ाद हिंद आंदोलन के महान नेता डॉ. बी.आर. अम्बेडकर के सम्मान में बनाया जा रहा है। दोनों मंत्रियों ने धाम के प्रमुख वास्तुकारों और निर्माण दल से मुलाकात की, प्रगति पर चर्चा की तथा भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला।

सिलावट एवं कुशवाह ने धाम निर्माण का निरीक्षण किया

मंत्री सिलावट ने धाम के मुख्य प्रवेश द्वार पर पथिकों की भीड़ के बीच निरीक्षण किया, जबकि मंत्री कुशवाह ने धाम के आंतरिक भाग की समीक्षा की। दोनों ने निर्माण के दौरान उपयोग की गई सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाया और सुनिश्चित किया कि सभी मानकों का पालन हो रहा है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने धाम के वास्तुकारों से प्रगति रिपोर्ट सुनी और निर्माण कार्य में आने वाली प्रमुख चुनौतियों पर चर्चा की।

अम्बेडकर धाम का महत्व और लक्ष्य

अम्बेडकर धाम का उद्देश्य डॉ. बी.आर. अम्बेडकर के जीवन और कार्यों को याद रखना तथा समाज में समानता और न्याय के संदेश को फैलाना है। धाम के भीतर एक स्मारक, पुस्तकालय, और बहु-उपयोगी हॉल की योजना है, जहाँ शैक्षिक कार्यक्रम और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जाएँगे। मंत्री सिलावट ने कहा, “यह धाम न केवल एक स्मारक है, बल्कि एक शिक्षण केंद्र भी होगा।”

निर्माण प्रगति और प्रमुख चुनौतियाँ

धाम का कुल क्षेत्रफल 10 एकड़ है, जिसमें से 60 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। मुख्य संरचना, पथ, और प्रकाश व्यवस्था की कार्यवाही पूरी हो चुकी है। हालांकि, जल निकासी और पावर सप्लाई के मुद्दों पर अभी काम चल रहा है। मंत्री कुशवाह ने उल्लेख किया, “जल प्रबंधन को प्राथमिकता देते हुए हम अगले तीन महीनों में इसे पूरी तरह से सुलझा लेंगे।” निर्माण दल ने बताया कि लागत में वृद्धि के बावजूद गुणवत्ता में कोई कमी नहीं आई है।

राज्य सरकार की भविष्य की योजनाएँ

राज्य सरकार ने धाम के पूर्ण होने के बाद इसे राष्ट्रीय स्तर पर एक सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है। इसके अलावा, धाम के आसपास 5 किलोमीटर के क्षेत्र में पर्यटन पथ और शैक्षिक केंद्रों का निर्माण किया जाएगा। मंत्री सिलावट ने आश्वासन दिया, “हम इस धाम को राष्ट्रीय धरोहर के रूप में मानते हैं और इसे सभी आयु वर्ग के लिए सुलभ बनाना हमारा लक्ष्य है।”

निष्कर्ष

सिलावट एवं कुशवाह के निरीक्षण से यह स्पष्ट हुआ कि अम्बेडकर धाम का निर्माण समय पर और गुणवत्ता के साथ आगे बढ़ रहा है। दोनों मंत्रियों ने समाज में समानता और समावेशिता के संदेश को आगे बढ़ाने के लिए धाम को एक महत्वपूर्ण मंच बनाने की प्रतिबद्धता जताई। आने वाले महीनों में जल प्रबंधन और पावर सप्लाई की चुनौतियों का समाधान कर धाम को राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख सांस्कृतिक और शैक्षणिक केंद्र के रूप में स्थापित किया जाएगा।