इंदौर में 9वें अंतरराष्ट्रीय सोया कॉन्क्लेव में प्रतिभागियों को सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री

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इंदौर में 9वें अंतरराष्ट्रीय सोया कॉन्क्लेव में प्रतिभागियों को सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री

इंदौर में 17 अक्टूबर 2026 को आयोजित 9वें अंतरराष्ट्रीय सोया कॉन्क्लेव ने सोया उद्योग के विश्वभर के प्रमुख खिलाड़ियों को एक मंच पर इकट्ठा किया। इस कार्यक्रम में भारत के प्रमुख कृषि उत्पादों में से एक सोया के उत्पादन, निर्यात और शोध को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न देशों के वैज्ञानिक, व्यापारी और नीति-निर्माता उपस्थित रहे। सोया के स्वास्थ्य लाभों और कृषि में इसकी भूमिका को लेकर हुए गहन विमर्श के साथ-साथ नई तकनीकों और व्यापारिक रणनीतियों पर चर्चा हुई। इस कार्यक्रम का आयोजन इंदौर के प्रमुख कॉन्फ्रेंस सेंटर में हुआ, जहाँ से राज्य सरकार ने सोया के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः पुष्टि की।

अंतरराष्ट्रीय सोया कॉन्क्लेव का ऐतिहासिक महत्व

इस कॉन्क्लेव ने 1996 से लेकर 2026 तक हर दो वर्ष में एक बार आयोजित होने के बाद, सोया के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर नवीनतम शोध और बाज़ार रुझानों को उजागर किया है। 9वें संस्करण में विशेष रूप से भारत की बढ़ती उत्पादन क्षमता और निर्यात की संभावनाओं पर प्रकाश डाला गया। सम्मेलन में 45 देशों के 200 से अधिक विशेषज्ञों ने भाग लिया, जिससे यह कार्यक्रम सोया उद्योग के लिए एक वैश्विक मंच बन गया।

मुख्यमंत्री ने सम्मान समारोह की अध्यक्षता

राज्य के मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम के सम्मान समारोह की अध्यक्षता करते हुए सोया किसानों और उद्योगपतियों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया। उन्होंने सोया के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “सोया हमारी खाद्य सुरक्षा और निर्यात राजस्व का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है।” सम्मानित करने के दौरान, उन्होंने सोया के स्वास्थ्य लाभों और कृषि में इसके आर्थिक महत्व पर प्रकाश डाला। साथ ही, उन्होंने किसानों को नई तकनीकों को अपनाने और उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।

प्रतिभागियों को मिले पुरस्कार और मान्यता

सम्मान समारोह में सोया के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और उद्यमियों को ‘सोया एक्सीलेंस अवॉर्ड’ से नवाजा गया। इस वर्ष पुरस्कार के लिए चार भारतीय और तीन अंतरराष्ट्रीय विजेताओं को चुना गया, जिनमें से एक ने सोया आधारित बायोफ्यूल पर शोध किया, जबकि दूसरे ने सोया के उच्च प्रोटीन उत्पादन के लिए नई जीन संपादन तकनीक विकसित की। इसके अलावा, ‘इनोवेशन इन सोया’ श्रेणी में एक स्टार्टअप को भी सम्मानित किया गया।

सोया उद्योग के भविष्य के लिए नई पहल

मुख्यमंत्री ने सोया उद्योग के भविष्य को लेकर कई नई पहल की घोषणा की। इनमें ‘सोया रूट प्रोग्राम’ के तहत किसानों को बेहतर इनपुट सप्लाई, उन्नत फसल प्रबंधन और बाजार पहुंच सुनिश्चित करने के लिए योजनाएँ शामिल हैं। साथ ही, ‘सोया एक्सपोर्ट डेवलपमेंट फंड’ की शुरुआत की जाएगी, जो निर्यातकों को वित्तीय सहायता प्रदान करेगा। सरकार ने यह भी वादा किया कि सोया के लिए विशेष शोध केंद्र स्थापित किया जाएगा, जिससे देश में उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा।

निष्कर्ष

इंदौर में आयोजित 9वें अंतरराष्ट्रीय सोया कॉन्क्लेव ने सोया उद्योग के लिए एक नया अध्याय लिखा, जिसमें वैश्विक स्तर पर सहयोग, नवाचार और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिला। मुख्यमंत्री के सम्मान समारोह ने किसानों और उद्योगपतियों को प्रेरित किया, जबकि नई पहलों से सोया के भविष्य को सुदृढ़ करने की दिशा स्पष्ट हुई। इस कार्यक्रम ने न केवल सोया के महत्व को रेखांकित किया, बल्कि भारत को विश्व के प्रमुख सोया उत्पादक और निर्यातक के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया।