मुरादाबाद में गामी सेतु पर चल रहे टू‑लेन रेल निर्माण कार्य के कारण शहर के मुख्य मार्ग पर तीन महीने के लिए रूट डायवर्जन का निर्णय लिया गया है। यह निर्णय 19 अक्टूबर 2026 को लिया गया, जब इंजीनियरिंग विभाग ने बताया कि सेतु की पुरानी संरचना में गंभीर दरारें पाई गई हैं और इसे नई, सुदृढ़ दो‑लेन रेल के लिये पूरी तरह से नयी तरह से तैयार करना अनिवार्य है। इस निर्माण से न केवल ट्रैफ़िक में बदलाव होगा बल्कि आने वाले महीनों में यात्रियों और माल ढुलाई पर भी गहरा असर पड़ेगा।
गामी सेतु की स्थिति और निर्माण की आवश्यकता
गामी सेतु, जो मुरादाबाद के प्रमुख परिवहन नोड को जोड़ता है, उसकी वर्तमान स्थिति में दरारें और संरचनात्मक कमजोरी स्पष्ट है। नगर निगम और रेलवे विभाग के संयुक्त निरीक्षण के बाद यह तय हुआ कि सेतु को दो‑लेन रेल के लिये पूरी तरह से पुनर्निर्मित किया जाना अनिवार्य है। नया सेतु न केवल यातायात को सुगम बनाएगा बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों में भी बढ़ोतरी करेगा। इस कार्य के लिये 3 महीने का समय निर्धारित किया गया है, जिसके दौरान सेतु पर कोई भी ट्रैफ़िक नहीं चल सकेगा।
रुट डायवर्जन से प्रभावित यातायात और समयसीमा पर
रूट डायवर्जन के कारण मुरादाबाद से होकर गुजरने वाली ट्रैफ़िक को 15 किमी के आसपास के वैकल्पिक मार्ग पर मोड़ना पड़ेगा। इस बदलाव से यात्रियों को लगभग 20 से 30 मिनट का अतिरिक्त समय लग सकता है। सरकारी व निजी दोनों ही सार्वजनिक परिवहन कंपनियों ने बताया है कि वे इस अवधि में अतिरिक्त बसें चलाएँगी और ट्रैफ़िक के प्रवाह को नियंत्रित करने के लिये विशेष ट्रैफ़िक पुलिस गश्त लगाएगी। माल ढुलाई कंपनियों को भी अपने डिलीवरी शेड्यूल में बदलाव करने की सलाह दी गई है।
वैकल्पिक मार्ग और सार्वजनिक परिवहन विकल्प उपलब्ध सुझाव
वैकल्पिक मार्ग के रूप में नगर निगम ने मुरादाबाद-शहर के बीच स्थित रूट 12 और रूट 18 को प्राथमिकता दी है। इन मार्गों पर पहले से ही सड़कों की मरम्मत चल रही है, जिससे यातायात का प्रवाह सुचारू रहेगा। सार्वजनिक परिवहन विभाग ने 19 अक्टूबर से नई बस सेवाएँ शुरू की हैं, जिनकी आवृत्ति 15 मिनट पर रखी गई है। इसके अलावा, राइड‑शेयरिंग ऐप्स पर भी विशेष डिस्काउंट कैम्पेन चलाया गया है ताकि यात्रियों को सुविधा मिले।
अधिकारियों का बयान और भविष्य की योजनाएँ
मुरादाबाद के नगर निगम के अध्यक्ष ने कहा, “हमारे नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस निर्माण के दौरान रूट डायवर्जन से होने वाली असुविधा को कम करने के लिये हमने सभी आवश्यक कदम उठाए हैं।” रेलवे विभाग के प्रमुख ने जोड़ा, “दो‑लेन रेल के निर्माण के बाद क्षेत्र में माल ढुलाई और यात्रियों के लिये एक सुरक्षित, तेज़ और विश्वसनीय परिवहन नेटवर्क उपलब्ध होगा।” भविष्य की योजनाओं में इस सेतु के निर्माण के बाद 24‑घंटे ट्रैफ़िक मॉनिटरिंग और स्मार्ट सिग्नल सिस्टम की स्थापना शामिल है।
निष्कर्ष
गामी सेतु पर चल रहे टू‑लेन रेल निर्माण के कारण मुरादाबाद में तीन महीने के लिए रूट डायवर्जन एक आवश्यक कदम है। यद्यपि इस अवधि में यात्रियों और माल ढुलाई में कुछ असुविधा होगी, परंतु दीर्घकाल में यह परियोजना शहर के परिवहन ढांचे को सुदृढ़ करेगी और क्षेत्रीय विकास को गति देगी। अधिकारियों द्वारा वैकल्पिक मार्ग, अतिरिक्त बस सेवाएँ और ट्रैफ़िक नियंत्रण के उपायों से यह सुनिश्चित किया गया है कि नागरिकों पर प्रभाव न्यूनतम रहे और समय पर परियोजना पूर्ण हो सके।


