नई दिल्ली में बुधवार को भारत मंडपम में आयोजित सातवें एग्रीवोल्टाइक्स विश्व सम्मेलन 2026 के उद्घाटन सत्र में शामिल केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रल्हाद जोशी और अन्य अतिथि।

0
30
नई दिल्ली में बुधवार को भारत मंडपम में आयोजित सातवें एग्रीवोल्टाइक्स विश्व सम्मेलन 2026 के उद्घाटन सत्र में शामिल केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रल्हाद जोशी और अन्य अतिथि।

नई दिल्ली में बुधवार को भारत मंडप में आयोजित सातवें एग्रीवोल्टाइक्स विश्व सम्मेलन 2026 के उद्घाटन सत्र में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रल्हाद जोशी सहित कई प्रमुख अतिथियों ने भाग लिया। यह कार्यक्रम भारत की सतत ऊर्जा और कृषि विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सम्मेलन का उद्देश्य कृषि और सौर ऊर्जा के संयोजन से खाद्य सुरक्षा, ग्रामीण रोजगार और पर्यावरण संरक्षण को सुदृढ़ करना है। इस वर्ष के कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों और उद्योग के प्रमुख प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया, जिससे वैश्विक स्तर पर एग्रीवोल्टाइक्स के संभावनाओं पर प्रकाश डाला गया।

केंद्रीय मंत्री का विशेष स्वागत: भविष्य की दिशा में एक नया कदम

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उद्घाटन भाषण में एग्रीवोल्टाइक्स को भारत के ऊर्जा मिश्रण में एक प्रमुख स्तंभ के रूप में स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा और कृषि के संगम से ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की कमी दूर होगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी। मंत्री ने इस पहल को ‘कृषि और ऊर्जा का समग्र विकास’ कहा और सरकार की नीतिगत समर्थन की पुष्टि की। इस सत्र में प्रल्हाद जोशी ने भी कृषि मंत्रालय की भूमिका पर प्रकाश डाला और किसानों के लिए अनुकूल नीतियों की रूपरेखा प्रस्तुत की।

सम्मेलन का उद्देश्य और दृष्टि: सतत विकास के लिए एक मंच

सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य एग्रीवोल्टाइक्स के तकनीकी, आर्थिक और सामाजिक पहलुओं पर चर्चा करना था। विश्व स्तर के शोधकर्ताओं ने फसल उत्पादन, ऊर्जा उत्पादन और जल प्रबंधन के बीच संतुलन पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में नवीनतम तकनीकों, जैसे कि सौर पैनल के नीचे फसल उगाने के तरीकों और ऊर्जा भंडारण समाधान पर कार्यशालाएँ भी आयोजित की गईं। यह मंच नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं और उद्यमियों को एकत्रित करके एक समग्र दृष्टि स्थापित करने का अवसर देता है।

सतत ऊर्जा और कृषि का संगम: ग्रामीण परिवर्तन का नया युग

एग्रीवोल्टाइक्स परियोजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में नई रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं। सौर ऊर्जा संयंत्रों के निर्माण और रखरखाव से स्थानीय युवाओं को नौकरी मिल रही है। साथ ही, फसल की पैदावार में सुधार और जल संरक्षण के उपाय किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बना रहे हैं। सम्मेलन में इस क्षेत्र की सफलता की कहानियों को साझा किया गया, जिससे अन्य राज्यों और देशों को भी प्रेरणा मिली।

भविष्य की दिशा और अपेक्षाएँ: नीति, निवेश और नवाचार

सम्मेलन के दौरान सरकार ने एग्रीवोल्टाइक्स के लिए विशेष वित्तीय प्रोत्साहन और कर रियायतों की घोषणा की। निवेशकों को आकर्षित करने के लिए सार्वजनिक-निजी साझेदारी मॉडल पर चर्चा हुई। शोधकर्ताओं ने नई तकनीकों, जैसे कि AI आधारित फसल निगरानी और ऊर्जा प्रबंधन प्रणालियों पर प्रकाश डाला। यह स्पष्ट हुआ कि एग्रीवोल्टाइक्स भारत को ऊर्जा सुरक्षा और खाद्य सुरक्षा दोनों में एक नई ऊँचाई पर ले जा सकता है।

निष्कर्ष

सातवें एग्रीवोल्टाइक्स विश्व सम्मेलन 2026 ने यह स्पष्ट कर दिया कि सौर ऊर्जा और कृषि का संयोजन न केवल पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ाता है, बल्कि ग्रामीण समाज को आर्थिक रूप से सशक्त बनाता है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रल्हाद जोशी के नेतृत्व में, भारत इस क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार है। नीति, निवेश और नवाचार के समन्वय से एग्रीवोल्टाइक्स भविष्य के ऊर्जा और कृषि परिदृश्य को नया रूप देने में सक्षम होगा।