उत्तराखंड के राज्यपाल श्री ए.के. पाटिल ने 23 अक्टूबर 2026 को राजधानी गोरखपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। यह मुलाकात न केवल राज्य के विकास के नए दिशा-निर्देशों को स्पष्ट करने के लिए थी, बल्कि यह भी दर्शाती है कि केंद्रीय और राज्य सरकारें किस प्रकार से मिलकर क्षेत्रीय समस्याओं का समाधान ढूंढ़ रही हैं। राज्यपाल ने प्रधानमंत्री की दृष्टि और योजनाओं को सराहा तथा भविष्य के सहयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।
राज्यपाल का स्वागत: नई पहल का मंच आज
बैठक की शुरुआत में, राज्यपाल ने प्रधानमंत्री को गोरखपुर के प्रमुख नागरिकों और राजनैतिक नेताओं के साथ परिचित कराया। उन्होंने बताया कि राज्य की वर्तमान सामाजिक-आर्थिक स्थिति और आने वाले वर्षों में लागू होने वाली नई पहलें क्या हैं। प्रधानमंत्री ने इन पहलों को स्वीकार करते हुए कहा कि केंद्र सरकार इन योजनाओं के लिए वित्तीय और तकनीकी सहायता सुनिश्चित करेगी।
प्रधानमंत्री की दृष्टि: उत्तराखंड का भविष्य और विकास
प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड की भू-आकृति और सांस्कृतिक धरोहर के महत्व पर बल देते हुए, राज्य के भविष्य के लिए एक समग्र दृष्टि प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि कैसे उत्तराखंड को पर्यटन, जैविक कृषि और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक मॉडल बनाना है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि केंद्र सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता से राज्य के बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सेवाओं में सुधार होगा।
पर्यावरण संरक्षण पर चर्चा: हरित नीति और नवाचार
पर्यावरण संरक्षण एक प्रमुख विषय रहा। दोनों ने मिलकर चर्चा की कि कैसे ग्रीन टेक्नोलॉजी और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के माध्यम से राज्य को पर्यावरणीय रूप से सतत बनाया जा सकता है। प्रधानमंत्री ने एक नई हरित नीति की घोषणा की, जिसके अंतर्गत हर वर्ष 10 मिलियन पेड़ लगाए जाएंगे और सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए अनुदान दिया जाएगा।
आर्थिक योजनाएँ: पर्यटन और कृषि को बढ़ावा और रोजगार
आर्थिक विकास के क्षेत्र में, दोनों ने पर्यटन और कृषि को प्रमुख स्तंभों के रूप में चुना। प्रधानमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा “स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइज़” को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। साथ ही, कृषि में जैविक खेती और जल संरक्षण के लिए नई तकनीकों को अपनाने के लिए अनुदान दिया जाएगा। यह कदम रोजगार सृजन और ग्रामीण विकास में सहायक होगा।
निष्कर्ष
इस बैठक के माध्यम से स्पष्ट हुआ कि उत्तराखंड को अपनी समृद्ध प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ आधुनिक विकास की दिशा में भी अग्रसर किया जा सकता है। राज्यपाल और प्रधानमंत्री की यह साझेदारी राज्य के लिए नई उम्मीदें जगाती है। दोनों ने मिलकर यह वचन दिया कि वे राज्य के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे। इस प्रकार, उत्तराखंड को एक समृद्ध, पर्यावरणीय रूप से सतत और आर्थिक रूप से समृद्ध राज्य के रूप में विकसित करने की दिशा में एक मजबूत कदम उठाया गया है।


